बच्चों के दांतों की समस्या इस तकनीक से दूर करेंगे डाक्टर

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के स्थित डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक एंड प्रेवेन्टिव डेनटिसट्री में जल्द ही इंप्लांट थैरपी के माध्यम से बच्चों के दांतों में भी इंप्लांट लगाया जायेगा। किसी दुर्घटना अथवा बीमारी की वजह से दांत खो चुके बच्चों में इंप्लांट लगाने की तकनीक का प्रयोग करने के लिए विशेषज्ञ अन्तिम चरण में है। अभी तक दांत न होने की दशा में इंप्लांट लगाया जाता था, लेकिन अब 16 वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों में इंप्लांट लगाया जायेगा।

इस बात की जानकारी डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक एंड प्रेवेनटिव डेनटिसट्री के प्रो. राकेश कुमार चक ने डिपार्टमेंट ऑफ पीडियाट्रिक एंड प्रेवेनटिव डेनटिसट्री के 50 वर्ष पूरे होने पर गोल्डन जुबली कार्यक्रम की पूर्व सध्या पर शुक्रवार को पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए दी।

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उन्होंने बताया कि बड़ी उम्र के लोगों में बच्चों की अपेक्षा इप्लांट लगाना आसान होता है। इसका मुख्य कारण बड़ी उम्र के लोगों में जबड़े की हड्ी का विकास नहीं होता,जबकि बच्चों में लगातार हड्डीयों का विकास होता रहता है, लेकिन इप्लांट थेरपी की नई तकनीक से बच्चों में लगाया जाने वाला इप्लांट हड्डीयां बढने की दशा में भी कारगर होगा। डा.राकेश कुमार चक के मुताबिक विभाग में अभी नेटल व नियोनेटल बच्चों के दांतों में होने वाली बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। इसके अलावा जो बच्चे कई साल तक मां का ूदूध पीते रहते हैं उन बच्चों के दांत में होने वाली समस्या का इलाज मुहैया कराया जा रहा है। साथ ही उन बच्चों का भी इलाज किया जाता है जिनका मुंह खुला रहता है या फिर जिन बच्चों के मुंह से बदबू आती है।

उन्होंने बताया कि विभाग के 50 साल पूरे होने पर आज गोल्डेन जुबली कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पीजीआई के निदेशक डा.राकेश कपूर उपस्थित होंगे। इस अवसर पर प्रो.आर.के.रॉय ओरेशन का भी आयोजन किया जायेगा।
कार्यक्रम में प्रो.जे.एन.जायसवाल,प्रो.एसडी.ग्रोवर,प्रो.शोभा टंडन समेत सात डाक्टरों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा। वहीं प्रो.प्रदीप रस्तोगी, प्रो.आर.के.पाण्डेय तथा प्रो.सीपी चौधरी,प्रो.राकेश कुमार चक समेत 15 चिकित्सकों को अवार्ड ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। इसके अलावा प्रोफिसियन्सी आवार्ड ,अवार्ड ऑफ एप्रिसियेसंस तथा सर्टीफिकेट ऑफ एप्रिसियेसंस से 47 चिकित्सकों को सम्मानित किया जायेगा।

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