केजीएमयू में १०२ करोड़ की लागत से बनेगा स्पाइन सेंटर

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लखनऊ। केजीएमयू स्थित कलाम सेंटर में गुरुवार को आर्थोपैडिक विभाग का ६६ वां स्थापना दिवस समारोह व १० वां प्रो.ए.एन.श्रीवास्तव व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केजीएमयू के कुलपति प्रो.एमएलबी.भट्ट उपस्थित रहे। इस अवसर पर आर्थोपैडिक विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. जीके सिंह ने बताया कि आने वाले समय में केजीएमयू के आर्थोपैडिक विभाग में स्पाइन सेन्टर चलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि स्पाइन सेन्टर के निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है और उसके स्वीकार होते ही सेन्टर के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। प्रो.सिंह के मुताबिक करीब १०२ करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस सेन्टर में मरीजों की सुविधा के लिए एक कन्ट्रोल रूम भी बनेगा।

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कन्ट्रोल रूम के हेल्प लाइन नंबर पर मरीज कमर दर्द व पीठ आदि का दर्द होने पर चिकित्सीय सलाह ले सकेंगे। यही नहीं मरीज से आवश्यक जानकारी लेने पर मरीज को यह बताया जाएगा कि वह अपनी बीमारी के लिए केजीएमयू के किस विभाग से संपर्क करे। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में विभाग स्पाइन सेन्टर की दिशा में कार्य कर रहा है और उम्मीद है कि शासन जल्द ही मामले में अपने सहमति दे देगा। सेन्टर बनने से मरीजों को काफी मदद मिलेगी क्योंकि हड्डी से सम्बंधित सभी प्रकार की समस्याओं का इलाज एक ही छत के नीचे मिल सकेगी। लिम्ब सेन्टर के बगल में स्थित संक्रामक रोग अस्पताल परिसर में प्रस्तावित सेन्टर की इमारत १२ मंजिला होगी जहां चार विभाग मुख्य रूप से कार्य करेंगे। इन विभागों में पिडियाट्रिक आर्थोपैडिक, स्पाइन सर्जरी, स्पोर्ट मेडिसिन एवं ज्वाइंट केयर यूनिट प्रमुख होंगे।

मोबाइल एप व हेल्पलाइन की सुविधा जल्द

यूएस से आए आर्थोपैडिक सर्जन एवं वेस्टमेड मेडिकल सेंटर के सह निदेशक डॉ. आलोक सरण ने एडवांस स्पाइन सर्जरी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्पाइन के मरीजों की सहूलियत के लिए यहां स्पाइन इन केयर सेंटर बहुत उपयोगी होगा,क्योंकि जानकारी के अभाव में मरीज इधर-उधर भटकता है। इससे उसका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। ऐसे में मोबाइल एप और हेल्प लाइन शुरु कर मरीजों को सही समय पर सही सलाह दी जा सकती है। वहीं प्रो. आरएन श्रीवास्तव ने बताया कि केजीएमयू के प्रस्तावित स्पाइन सेन्टर में भी एक हेल्प लाइन सेवा शुरू की जाएगी। इस हेल्प लाइन पर ऐसे मरीज सलाह ले सकेंगे।

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