लखनऊ। गोमतीनगर स्थित डिवाइन मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल के नये भवन का उद्घाटन करते हुऐ केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में भारत अबतक अपने सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) का 1.5 प्रतिशत ही खर्च कर रहा है। भारत को विश्व स्तर पर खड़ा करना है तो पूरे जीडीपी का 2.5 प्रतिशत केवल चिकित्सा के क्षेत्र में खर्च करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत में एफ्र्टटेबल हेल्थ केयर सिस्टम व यूनिर्वसल हेल्थ केयर के साथ-साथ यूनिर्वसल हेल्थ कवर सबको मिलना चाहिए, लेकिन हम चिकित्सा को जिस स्तर तक ले चाहते हैं और जन सामान्य को हम चिकित्सा के माध्यम से जो सुविधाए मुहैया कराना चाहते हैं वह केवल सरकार के बस की बात है ऐसा मै नहीं मानता इसके लिये निजी क्षेत्र की भागेदारी की भी जरूरत होगी। केवल सरकारी निवेश के मध्यम से हम इस लक्ष्य को पूरा नहीं कर सकते।
उन्होंने कहा कि मेडिकल के क्षेत्र में प्राचीन भारत ने ही हमारा देश एक अग्रणी देश रहा है। हमारे देश ने ही आयुर्वेदिक चिकित्सा की आधारशिला रखी गई थी। आज पूरे दुनिया के लोग आयुर्वेद चिकित्सा को स्वीकार करने लगे हैं। कार्यक्रम में प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा आशुतोष टंडन ने कहा कि पुराने समय मे कहा जाता था रोटी, कपड़ा और मकान जरूरी है लेकिन वर्तमान परिवेश में अब इसमें दो चीजें और जुड़ गई हैं वो हैं स्वास्थ्य और शिक्षा।
वहीं संस्थान के प्रमुख डॉ. ए.के श्रीवास्तव ने कहा कि हर वर्ग के लोगों के लिए डिवाइन अस्पताल की शरुआत की जा रही है। उन्होंने संबोधन में कहा कि इस हार्ट हॉस्पिटल में मात्र कम शुल्क में मरीज ओ.पी.डी में विशेषज्ञ से सलाह ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के प्रमुख विभाग प्रसूति एवं स्त्री, आँख, बाल रोग, नाक, कान, गला एवं हड्डी होंगे। जल्द ही अन्य यूनिट भी शुरू करने जा रहे है।












