लखनऊ। राजधानी के सीतापुर रोड स्थित देवकी अस्पताल में गुरुवार को नवजात की मौत पर चिकित्सकों पर लापहरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया है। फैज्जुलागंज निवासी अतुल रावत के बच्चे का देवकी अस्पताल में बीते २७ अगस्त से इलाज चल रहा था। बुधवार की रात बच्चे की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाया था। लेकिन नवजात का इलाज करने वाले चिकित्सक के न होने पर नवजात का शव लेकर परिजन घर चले गये थे। गुरुवार को सुबह दोबारा से परिजनों ने अस्पताल पर आकर चिकित्सक से मौत के कारणों को जानना चाहा ।
जिससे के बाद मामला बिगड़ गया और परिजनों व अस्पताल प्रशासन के बीच जमकर कहा सुनी हुयी। इस दौरान समाजसेवी संगठन के लोग भी मौजूद रहे। समाज सेविका मानसी प्रीत ने बताया कि अतुल रावत दिहाड़ी मजदूर है। बीते २५ अगस्त को घर पर ही अतुल की पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया था। लेकिन २६ अगस्त को बच्चे की बुखार की समस्या होने के चलते हमलोग उसे लेकर केजीएमयू गये,लेकिन वहां पर एनआईसीयू में जगह न खाली होने के चलते झलकारी बाई अस्पताल गये। वहां पर भी वेड नहीं मिल पाया।
थकहार २६ अगस्त की रात देवकी अस्पताल में भर्ती कराया । जहां एनआईसीयू में बच्चा ५ दिन तक भर्ती रहा। इस दौरान अस्पताल प्रशासन ने २५ हजार रुपये भी वसूल लिये। लेकिन बच्चे की समस्या के बारे में कुछ भी नहीं बताया। मानसी के मुताबिक बच्चे की मौत के बाद परिजन अस्पताल मौत के कारणों को जानने पहुंचे थे,लेकिन वहां मौजूद चिकित्सक द्वारा अभद्र व्यवहार शुरू करने पर मामला बिगड़ गया।












