लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डाक्टरों पर स्वाइन फ्लू मरीज को जबरन डिस्चार्ज करने का आरोप लगा है। यह मरीज हरदोई निवासी था आैर यहां इलाज करा रहा था। परिजनों का आरोप है कि जब मरीज की तबियत ज्यादा बिगड़ी तो डाक्टरों ने जबरन डिस्चार्ज कर दिया। घर पहुंचते ही मरीज की मौत हो गयी। इस मामले में केजीएमयू प्रशासन ने घटना की जांच कराने के लिए कहा है। वही सीएमओ डा. जीएस बाजपेयी ने भी स्वाइन फ्लू का मरीज की जानकारी न देने पर नोटिस देने का निर्देश दिया है। उधर राजधानी में एक आैर स्वाइन फ्लू का मरीज पाजिटिव आया है। अब तक राजधानी में स्वाइन फ्लू के 14 मरीज हो चुके है।
बताया जाता है कि हरदोई निवासी शकील को सांस लेने में तकलीफ होने पर स्थानीय डाक्टर से इलाज कराया गया। यहां पर मरीज को कोई फायदा नहीं होने पर तथा लगातार हालत गंभीर होने कर मरीज को लखनऊ रेफर कर दिया गया। परिजनों ने पहले केजीएमयू के लॉरी कार्डियोलॉजी में भर्ती कराया गया। यहां से बलरामपुर अस्पताल भेज दिया गया। बलरामपुर अस्पताल में मरीज की हालत गंभीर देखते हुए वापस केजीएमयू के ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। यहां पर मरीज की जांच पड़ताल में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। स्वाइन फ्लू की पुष्टि के बाद मरीज को अलग वार्ड में रखा गया। परिजनों का आरोप है कि मरीज तेजी बिगड़ती हालत के बाद डाक्टरों ने उसे डिस्चार्ज कर दिया आैर घर भेज दिया।
घर लाने के कुछ देर बाद ही मरीज की मौत हो गयी। जबरन डिस्चार्ज की जानकारी मिलने पर प्रवक्ता डा. नरसिंह वर्मा का कहना है कि हो सकता है मरीज को जबरन डिस्जार्च करने की शिकायत पर जांच करायी जाएगी। उधर सीएमओ डा. जीएस बाजपेयी ने बताया कि मरीज किसी भी जनपद का हो लेकिन लखनऊ में आने के बाद पाजिटिव आया है। इस लिए केजीएमयू को जानकारी देनी चाहिए थी। जानकारी न देने पर केजीएमयू को नोटिस भेजी जा रही हंै। उधर राजधानी में एलडीए कालोनी निवासी 19 वर्षीय किशोर को स्वाइन फ्लू पाजिटिव आया है। राजधानी में अबतक स्वाइन फ्लू से 14 मरीज पाजिटिव आ चुके है आैर एक मौत भी हो चुकी है।












