लखनऊ। वीरागंना अवंतीबाई बाल महिला ( डफरिन) अस्पताल में बुधवार को टीकाकरण के दौरान डेढ महीने के शिशु की मौत के बाद बृहस्पतिवार को ओपीडी में टीकाकरण में खौफ पसरा हुआ। कुछ डरे सहमें कुछ अभिभावकों ने तो इस बात पर हंगामा मचा दिया कि उनका शिशु ज्यादा देर से रो रहा है या दूध नहीं पी रहा है। वह पूछ रहे थे कि कही कुछ गडबड़ तो नही हो गयी। इनको समझा बुझा कर शांत कराया गया। वहीं काफी लोग बिना टीकाकरण ही कराये लौट गये। उधर शिशु की टीकाकरण के बाद मौत लोगों को बीच चर्चा के केद्र बनी हुई थी।
बताते चले कि बुधवार को डफरिन अस्पताल की ओपीडी में डेढ़ महीने के शिशु के ओपीवी, आईपीवी के साथ पेंटावेंलट का वैक्सीनेशन करा गया था। परिजनों का आरोप है कि वैक्सीनेशन के कुछ देर बाद ही शिशु को उल्टी हुई आैर उसमें खून आ गया। आरोप है कि उसका शरीर भी नीला पड़ गया था। शिशु की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा भी मचाया था। मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तीनों वैक्सीन को सील कर दिया आैर शिशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। बृहस्पतिवार को सुबह जब ओपीडी शुरु हुई तो वैक्सीनेशन यूनिट में सन्नाटा पसरा हुआ।
घटना की जानकारी मिलने के बाद डर कर अपने शिशु को वेक्सीनेशन कराने ही नहीं आये। कुछ लोग आये तो शिशु का वैक्सीनेशन नहीं कराया। काफी लोग ऐसे थे जो कि घटना को नहीं जानते थे आैर वैक्सीनेशन तो करा लिया लेकिन इस दौरान जानकारी मिलने पर भयभीत हो गये। वैक्सीनेशन के बाद काफी देर तक वहीं बैठे रहे आैर अपने शिशु की हरकते देखते रहे। कई अभिभावक तो इतने डरे थे कि वैक्सीनेशन के बाद इस बात पर हंगामा कर दिये कि उनका शिशु काफी देर से रो रहा है कि कुछ गड़बड़ तो नहीं हुई। इन सब को समझा बुझा कर शंात कराया गया। उधर अस्पताल प्रशासन का कहना था कि उसी वैक्सीन से अन्य बच्चों को भी वैक्सीन लगायी गयी थी। उनकी हालत ठीक है।