लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के प्रशासनिक अधिकारियों को जब अपने पद पर खतरा मडराता नजर आया, तो प्राइवेट प्रैक्टिस न करने की चेतावनी संस्थान के डाक्टरों को दे दिया। बताते है कि यहां के कई डाक्टरों के लगातार प्राइवेट प्रैक्टिस की शिकायत मिली है।
संस्थान के यूरोलॉजी, एनेस्थिसिया, विभिन्न सर्जरी सहित अन्य विभागों के डाक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस ,लम्बे समय से करते आ रहे है। बताया जाता है कि इसकी पूरी जानकारी संस्थान के निदेशक डा. दीपक मालवीय को थी, इसके बावजूद भी किसी डाक्टर पर कार्रवाई करने में कतराते थे। प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टर निजी क्लीनिक से लेकर निजी मेडिकल कालेज तक प्रैक्टिस करने जा रहे थे। इन डाक्टरों की शिकायत जब शासन स्तर पर की गयी आैर काफी संख्या में मरीजों ने शिकायत की तो संस्थान निदेशक डा. दीपक मालवीय ने खुद को बचाते हुए नया निर्देश जारी कर दिया गया है। निर्देश में डाक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने करने की सलाह दी गयी है।
कहा गया है कि अगर किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो जांच करा कर कार्रवाई की जा सकती है। बताया जाता है कि संस्थान में विशेषज्ञ डाक्टरों का एक बड़ा काकस है आैर पूरी टीम बना रखी है जिसमें एनेस्थिसिया, ओटी तकनीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ तक शामिल है, जो कि संस्थान से ज्यादा निजी अस्पतालों में जाकर आपरेशन कर देते है। बताया जाता है कि लगातार शिकायत मिलने पर शासन ने इसको गंभीरता से लिया आैर संस्थान प्रशासन से जानकारी मांगी। इसके बाद परेशान अधिकारियों ने तत्काल सभी डाक्टरों को प्राइवेट प्रैक्टिस न करने का निर्देश व कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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