लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मरीजों को दी जाने वाली कैल्शियम गुणवत्ता का खुलासा होने वाला है, जबकि खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम द्वारा केजीएमयू के मुख्य औषधि भंडार से लिए गये नौ नमूने में तीन की दवा की रिपोर्ट आ गई है। इसमें जांच रिपोर्ट में एक दवा मिस ब्रांड होने की बात सामने आई है, जबकि अन्य दो दवा भी गबड़बड़ी मिली है।
बताते चले कि केजीएमयू के इंडोक्राइन सर्जरी विभाग के डॉक्टर ने मरीजों को बांटी जाने वाली कैल्शियम गोली की गुणवत्ता खराब होने की शिकायत की थी। डॉक्टर ने केजीएमयू के वाट्सएप्प ग्रुप पर दवा की फोटो डालकर उसे खड़िया बताया था। इस पर हंगामा मच गया था। आनन-फानन में इसकी लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से भी की थी। इसके बाद दवा के प्रकरण को स्वयं संज्ञान में लेते हुए म् 13 अप्रैल आैषधि निरीक्षक की टीम ने केजीएमयू के मुख्य औषधि भंडार का आैचक निरीक्षण करने पहुंच गये थे। जहां पर दवाओं का रखरखाव में अनियमितता मिली थी। खासकर दवा केंद्र की कोल्ड चेन ठीक न मिलते टीम ने नाराजगी प्रकट की थी।
जांच टीम ने दवाओं के 9 नमूने जांच के लेकर प्रयोगशाला भेजा था। ड्रग इंस्पेक्टर रमा शंकर ने बताया कि मंगलवार को नौ में से तीन दवाओं की रिपोर्ट आ गई। इसमें एक दवा मिस ब्रांाड निकली। कंपनी की टेबलेट पर लेवलिंग सही नहीं मिली। इतना ही नहीं दवा का रंग किस तरह का था यह भी नहीं लिखा मिला। ऐसे में मिस ब्रांाड दवाओं का वितरण गलत है। इस प्रकरण में केजीएमयू प्रशासन को नोटिस भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। जल्द ही कैल्शियम समेत अन्य दवाओं की रिपोर्ट भी जल्द आएगी।
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