लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कार्यदायी निजी संस्था पर बिना विभागाध्यक्ष की अनुमति विभिन्न पदों पर संविदा कर्मचारियों के भर्ती करने का आरोप लगा है। विभागाध्यक्षों ने इसकी शिकायत केजीएमयू कुलसचिव से की है। कुलसचिव ने इस मामले के जांच के आदेश दे दिये है।
केजीएमयू के विभागों में कार्यदायी संस्था को संविदा पर कर्मचारी आवश्यकता अनुसार विभिन्न पदों पर तैनात करने के निर्देश दिये गये है। इन पदों पर विभागाध्यक्ष की संस्तुति के बाद ही आवश्यकतानुसार पदों पर भर्ती किया जाना है। इसके अलावा संविदा पर पहले से तैनात कर्मचारियों का कहना है कि कार्यदायी संस्था ने अपने कर्मचारी तैनात करने के लिए पुराने संविदा कर्मचारियों को परेशान किया जा रहा है। उन्हें तैनाती पर बने रहने के लिए शुल्क के नाम पर धनउगाही की जा रही है। इसकी शिकायत संविदा कर्मचारियों ने पहले कर चुके है। इसके बाद अब केजीएमयू के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष भी बिना के संविदा पर विभिन्न पदों पर तैनात कि ये जा रहे कर्मचारियों का विरोध करने लगे है।
अगर सूत्रों की माने को लिम्ब सेंटर में कृत्रिम अंग एवं अवयव विभाग में बिना विभागाध्यक्ष की संस्तुति के एक फीजियोथेरेपिस्ट की तैनाती करने की कोशिश की। विभागाध्यक्ष डा. अनिल कुमार गुप्ता ने बिना पद के उसकी तैनाती कराने से ही इनकार कर दिया है। उधर डेंटल विभाग में भी कुछ पदों पर संविदा कर्मी तैनात किये गये है। इसका भी बिना विभागाध्यक्ष की संस्तुति के तैनाती का विरोध किया गया है।












