लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के हीमोफीलिया सेंटर में अब मरीजों को विश्वस्तरीय इलाज दिये जाने की कवायद शुरु कर दी गयी है। यहां पर वल्र्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया ने इलाज के लिए आवश्यक संसाधनों के अलावा अधिक से अधिक फैक्टर देने का आश्वासन दिया गया है। इसके लिए वल्र्ड फेडरेशन ऑफ हीमोफीलिया के प्रतिनिधिमंडल द्वारा केजीएमयू के क्लीनिकल हीमेटोलॉजी विभाग में स्थित हीमोफीलिया व्यापक देखभाल केंद्र का दौरा भी किया गया है।
सेंटर के प्रभारी प्रो. एके त्रिपाठी ने बताया कि यहां पर 550 मरीज हैं पंजीकृत है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने हीमोफीलिया मरीजों से मुलाकात की और उनके देखभाल की सुविधा जैसे परामर्श, फैक्टर चढ़ाने, फिजियोथेरेपी, सर्जरी एवं पुनर्वास की उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली। इसके बाद क्लीनिकल व्यवस्था को बेहतर बताते सराहना भी की।
सेंटर के प्रभारी प्रो. एके त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर भारत का यह हीमोफिलिया व्यापक देखभाल सेंटर स्टेट ऑफ आर्ट सेंटर है। जहां पर हाई टेक व्यवस्था मौजूद है। इस सेंटर को सरकार द्वारा फैक्टर उपलब्ध कराया जाता है, जिसे निःशुल्क मरीजों को चढ़ाया जाता है। प्रो. एके त्रिपाठी द्वारा प्रतिनिधिमंडल से हीमोफिलिया केयर की चुनौतियों, जरुरतों एवं भविष्य की योजनाओं के बारे में भी विस्तृत चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल द्वारा चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम एल बी भट्ट से मुलाकात कर बैठक भी की गई, जिसमें हीमोफिलिया के प्रबंधन के संबंध में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रो. आशुतोष कुमार अधिष्ठाता चिकित्सा संकाय एवं विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी विभाग तथा हीमोफिलिया सोसाइटी से विनय मनचंदा ने भी भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल में नीदरलैंड के डॉ. एचएन डेन बर्ग, मिस्र के डॉ. मैग्डा एकिब्य, कनाडा के डॉ. असाद हॉफर,सची सत्पथी, विकास गोयल अध्यक्ष एचएफआई सम्मिलित रहे।












