kgmu में चार किडनी सफलता पूर्वक प्रत्यारोपित
लखनऊ। लोगों में किडनी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है, समय पर ध्यान न देने से यह ज्यादा गंभीर हो जाती है। बदलता आहार, लाइफ स्टाइल बीमारी के लिए जिम्मेदार है। ब्लड व यूरीन की सामान्य जांच से किडनी की जटिल बीमारी का पता लगा सकते हैं। वर्ष में कम से कम एक बार ब्लड जांच करानी चाहिए। यदि उन परिवार में किसी को किडनी की पहले से दिक्कत हो, तो उसके सदस्यों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। यह बात किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. विश्वजीत सिंह ने शताब्दी-फेज के में किडनी दिवस से पूर्व सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कही।
डॉ. सिंह ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में क्रिटिनिन, यूरिया और यूरीन की जांच निशुल्क की जाती है। यही नही केजीएमयू सहित दूसरे मेडिकल संस्थानों में बहुत कम शुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है।
डॉ. विश्वजीत सिंह ने बताया कि केजीएमयू में अब तक चार सफलता पूर्वक किडनी प्रत्यारोपण हो चुके हैं। सभी मरीज स्वास्थ हैं। एक ब्रोनडेड का किडनी लेकर मरीज में प्रत्यारोपित किया गया था। तीन महिलाओं ने अपनों का जीवन सुरक्षित करने के लिए किडनी दान किया। उन्होंने बताया कि कई और मरीज प्रत्यारोपण के लिए वेंटिग में चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग में दो नेफ्रोलॉजिस्ट डाक्टर तैनात है, जिनके नेतृत्व में मरीजों को बेहतर इलाज मिल रहा है।
डॉ. लक्ष्य कुमार ने बताया कि लगभग 86 प्रतिशत महिलाएं अपनों की जान बचाने के लिए किडनी डोनेट कर रही हैं। डॉ. मेधावी गौतम ने कहा कि सबसे ज्यादा किडनी के लिए दर्द निवारक दवाएं घातक होती हैं। इसलिए डाक्टर के परामर्श के बिना पेन किलर दवाओं के सेवन नहीं करना चाहिए।
खास कर ब्लड प्रेशर नियत्रंण में रखना चाहिए। बड़ी संख्या में मरीजों के अनियंत्रित ब्लड प्रेशर का असर किडनी पर पड़ता हैं।
कार्यक्रम में ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की प्रमुख डॉ. तूलिका चन्द्रा, डॉ. रति प्रभा, डॉ. रमन कुमार, डॉ. विशाल पुनिया, डॉ. विवेक, डॉ. दुर्गेश कुमार पुष्कर शामिल हुए।
इनका हुआ किडनी ट्रांसप्लांट
-हरदोई के सचिन की किडनी खराब हुई तो मां गीता ने किडनी दान कर दिया। केजीएमयू में सचिन का पहला किडनी प्रत्यारोपण हुआ है
-बक्शी का तालाब निवासी विकास की किडनी ने करना बंद किया तो मां सुखरानी ने किडनी डोनेट कर बेटे को नया जीवन दिया।
-बिहार के रंजन की किडनी खराब हुई तो पत्नी पूजा ने किडनी दान कर सुहाग को बचा लिंया।












