लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में गंभीर मरीजों की भर्ती मुश्किल हो गयी है। यहां पर क्रिटकल केयर यूनिट सहित कुल 100 वेंटिलेटर फुल चल रहे है। इसके साथ ही वार्डो के बिस्तर भी फुल चल रहे है। मरीजों की बढ़ती वेंटिग से डाक्टर व तीमारदार दोनों परेशान चल रहे है। ट्रामा सेंटर में दो क्रिटकल केयर यूनिट है। तीसरे व पांचवे तल पर क्रिटकल केयर यूनिट के सभी बिस्तर फुल चल रहे है। इन दोनों यूनिटों में लगभग एक दर्जन से ज्यादा मरीजों की वेंिटग चल रही है। यह आलम तब है कि जब इन यूनिटों में मरीज को भर्ती कराने के लिए वेंटिलेटर किट व अन्य आवश्यक लाना पड़ता है। इसके अलावा न्यूरो सर्जरी, इमरजेंसी मेडिसिन के साथ ही इमरजेंसी बाल रोग विभाग के वेंटिलेटर भी फुल है।
आलम यह है कि विशेषज्ञों के परामर्श पर बाल रोग विभाग में आने वाले अति गंभीर बच्चों के इलाज में वेटिलेटर न मिलने पर मदद के लिए क्रिटकल केयर यूनिट में जीवनरक्षक उपकरणों की मदद ली जा रही है। ट्रामा सेंटर प्रभारी डा. हैदर अब्बास बताते है कि ठंडी में काफी संख्या में एक्सीडेंट के मरीज आ रहे है। जिनमें काफी गंभीर मरीज भी होते है। ऐसे में वेंटिलेटर फुल हो जाते है। इसके साथ विभागों से भी गंभीर आते है। उन्होंने बताया कि वार्डो में बिस्तर भी फुल चल रहे है। सबसे ज्यादा मेडिसिन व बाल रोग विभाग में मरीजों की संख्या ज्यादा है। सेंटर प्रभारी डा. अब्बास का कहना है कि लगातार सभी मरीजों के इलाज के कोताही नहीं बरती जाती है। वेंटिलेटर फुल होने पर एम्बुबैग व अन्य उपकरण से मरीजों का इलाज करने की कोशिश रहती है।











