मौत के बाद दो को दी नयी जिंदगी, सफल हुआ kidney transplant

0
207

56 वर्षीय महिला ने मौत के बाद दी नई जिंदगी, कमांड हॉस्पिटल में सफल किडनी प्रत्यारोपण

लखनऊ । कमांड हॉस्पिटल में 56 वर्षीय महिला की मृत्यु के बाद उनके परिजनों ने ऐसा निर्णय लिया, जिसने एक युवक को नई जिंदगी दे दी। महिला एक गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी से पीड़ित थीं और इलाज के दौरान ब्रेन डेड घोषित कर दी गईं। अस्पताल के अंगदान काउंसलर ने जब परिजनों को अंगदान के महत्व के बारे में बताया, तो परिवार ने सहमति जताई और महिला के दोनों गुर्दे (किडनी) प्रत्यारोपण के लिए दान कर दिए।

Advertisement

इनमें से एक किडनी कमांड हॉस्पिटल में ही एक मरीज को प्रत्यारोपित की गई, जबकि दूसरी किडनी संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान भेजी गई। वहां 31 वर्षीय युवक को यह किडनी लगाई गई, जो लंबे समय से गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। एसजीपीजीआई में ट्रांसप्लांट सर्जरी करने वाली टीम में प्रोफेसर एम एस. अंसारी, प्रोफेसर संजय सुरेखा, प्रोफेसर उदय प्रताप सिंह, नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रोफेसर नारायण प्रसाद, एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर रवि शंकर कुशवाहा और प्रोफेसर तपस शामिल थे। विशेषज्ञों की इस संयुक्त टीम ने प्रत्यारोपण को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

प्रोफेसर नारायण प्रसाद ने बताया कि सर्जरी पूरी तरह सफल रही। प्रत्यारोपण के बाद मरीज में यूरीन आउटपुट सामान्य मिला और सभी जांचों में अच्छे परिणाम आए हैं। उन्होंने कहा कि कमांड हॉस्पिटल की टीम ने समय पर ऑर्गन रिकवरी कर त्वरित समन्वय से ट्रांसप्लांट को संभव बनाया। उन्होंने कहा, “अगर ब्रेन डेड मरीजों के परिजन इस तरह आगे आते रहें, तो कई लोगों को नई जिंदगी मिल सकती है। अंगदान वह संकल्प है जो मृत्यु के बाद भी जीवन को अर्थ देता है।

Previous articlekgmu: बोन मैरो ट्रांसप्लांट जल्दी होगा शुरू
Next articleनर्सों का गृह जनपद में तैनाती का तैयार हो रहा प्रस्ताव:डिप्टी सीएम

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here