लखनऊ। राजधानी में म्यूकरोमायकोसिस यानी ब्लैक फंगस के दो मरीजों की मौत हो गयी। शनिवार को केजीएमयू सहित विभिन्न अस्पतालों में ब्लैक फंगस के 31 मरीज भर्ती हुए। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में इलाज के दौरान ब्लैक फंगस के दो मरीजों की मौत हो गयी। राजधानी में
ब्लैक फंगस के लगातार बढ़ते मरीज व मौत से स्वास्थ्य विभाग हलकान हो गए हैं। आलम यह है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ब्लैक फंगस के मरीजों की समस्याओं का निराकरण नहीं कर पा रहे हैं। मरीजों को इंजेक्शन तक नहीं पा रहा है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 181 लोग केजीएमयू सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हो चुके हैं। ब्लैक फंगस से अब तक 13 मरीज इलाज के दौरान दम तोड़ चुके हैं।
सबसे ज्यादा केजीएमयू में फोटो जनपदों से गंभीर हालत में ब्लैक फंगस के मरीज रेफर होकर आ रहे हैं । यहां बीते 24 घंटों में 23 मरीज भर्ती किए गए हैं।
प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है कि ब्लैक फंगस से पीड़ित 55 वर्षीय पुरुष व 35 वर्षीय युवक की मौत हुई है। युवक आजमगढ़ का निवासी था। उन्होंने बताया अब तक ब्लैक फंगस से राजधानी के अस्पताल में सबसे कम उम्र के मरीज की मौत हुई है। डा सिंह का दावा है कि कुल 12 मरीजों की सर्जरी केजीएमयू में की गई है। यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अगर देखा जाए तो अकेले केजीएमयू में 124 ब्लैक फंगस के मरीजों का इलाज चल रहा हैं। लोहिया संस्थान में पिछले 24 घंटे के दौरान ब्लैक फंगस के छह मरीज भर्ती किए गए हैं। अब तक संस्थान में 17 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। पीजीआई के नोडल अधिकारी डॉक्टर अमित केशरी के अनुसार 24 घंटे के दौरान दो मरीज भर्ती हुए हैं। यहां अब तक 18 भर्ती मरीजों का इलाज किया जा रहा है और अब तक 2 मरीजों की सर्जरी की जा चुकी है।












