Holi : हुड़दंग और झगड़े में बीस की मौत, लगभग दो सौ से घायल

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लखनऊ। होली में किसी ने शराब के नशे अनियंत्रित गाड़ी, तो कही बाइक की रफ्तार तेज होने पर अनियंत्रित होने से एक्सीडेंट हो गया। कुछ इस तरह की घटनाओं में घायल होकर राजधानी के केजीएमयू, लोहिया संस्थान सहित अन्य विभिन्न सरकारी अस्पतालों में लगभग 248 ज्यादा घायल होकर गंभीर हालत में भर्ती हैं। सबसे ज्यादा गंभीर हालत में मरीज केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में पहुंचें। यहां सात मरीज ब्रााड डेट पहुंचे आैर सात मरीज इतनी गंभीर हालत में पहुंचे कि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी। आंकड़ों के अनुसार अलग- अलग स्थानों पर हुई दुर्घटनों के बाद 20 मरीजों की मौत हो हुई है। डाक्टरों के अनुसार अस्पताल पहुंचने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा घायल नशे में धुत थे। वही 108 एम्बुलेंस ने छह से आठ मार्च में दुर्घटना के शिकार 203 लोगों को विभिन्न अस्पताल पहुंचाया।

 

 

 

 

होली में रंगों के साथ नशे की मस्ती मंहगी पड़ने लगी। मंगलवार की रात से घायल राजधानी के विभिन्न अस्पताल पहुंचने लगे थे। 24 घंटे में 400 से अधिक घायल व दूसरी समस्याओं को लेकर लोग पहुंचे। अधिकतर अस्पतालों की इमरजेंसी में बड़ी संख्या में घायलों और मरीजों के आने से अफरा-तफरी माहौल रहा। इनमें 200 घायलों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी। छोटी व सामान्य चोट वालों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया।

 

 

 

होली के दिन सबसे ज्यादा मरीज केजीएमयू के ट्रामा सेंटर पहुंचे। यहां पर इलाज कराने के लिए भगदड़ सी मची हुई थी। डाक्टरों की टीम गंभीर घायलों को तुरंत इलाज से स्टेबल करके शिफ्ट कराने में जुटे थे। ट्रॉमा सेंटर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व ट्रामा सर्जरी विभाग प्रमुख डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक होली में 292 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें सात मृत (ब्रााड डेड) अवस्था में लाए गए थे। जबकि सात गंभीर रूप से घायल थे। जांच के बाद इलाज के दौरान इन मरीजों ने दम तोड़ दिया। होने वाली मौतों में चार केस गनशॉट के भी शामिल है। होली के हुड़दंग व रोडएक्सीडेंट में 98 घायलों को भर्ती किया गया। नशा के बाद तेज रफ्तार एक्सीडेंट का कारण बना। उन्होंने बताया कि पांच घायल बेहद गंभीर अवस्था में भर्ती हैं। इन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।

 

 

 

बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. जीपी गुप्ता ने बताया कि होली में 24 घंटे के दौरान 295 मरीज इमरजेंसी में पहुंचे। जब कि दो दिनों में कु ल 551 मरीज इमरजेंसी में पहुंचे। जांच के बाद 55 को भर्ती किया गया। 65 घायलों को सिर, हाथ, पैर, पेट, पीठ में चोटे लगी थी। काफी संख्या में लोगों को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। तीन मरीजों में रंग खेलने के दौरान आंखों में एलर्जी हो गई। इनमें से काफी संख्या में लोग नशे की हालत में थे।
सिविल अस्पताल के सीएमएस डॉ.आरपी सिंह ने बताया कि होली में 570 मरीज इमरजेंसी पहुंचे। इनमें घायल 27 को भर्ती किया गया है। होली हुड़दंग में लगभग 109 केस पहुंचे। इनमें हेड इंजरी के छह गंभीर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। शेष को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेज दिया गया। स्किन दिक्कत के इक्का दुक्का मरीज ही आए। रंग लगने से आंखों की एलर्जी के 12 मरीज पहुंचे।
लोकबंधु अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर त्रिपाठी ने बताया कि होली में कुल 102 मरीज अस्पताल पहुंचे थे। इनमें से दो ब्राड डेड अवस्था में लाए गए थे। वहीं तीन गंभीर रूप से जख्मी मरीजों को भर्ती करके इलाज किया जा रहा है। बाकी मरीजों को प्राथमिक उपचार बाद घर भेज दिया गया। अस्पताल पहुंचने वालों में 91 पुरुष, 10 महिला व एक बच्चा भी शामिल रहा।

लोहिया संस्थान प्रवक्ता डॉ. एपी जैन के मुताबिक होली के हुड़दंग में 70 घायलों इमरजेंसी में पहुंचे। तैनात डॉक्टरों की टीम के अनुसार तीन घायल ब्रााड डेड थे। वही इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो गयी गई। घायल नौ मरीजों को भर्ती किया गया। इसके अलावा 12 आंखों व 15 त्वचा रोगी इमरजेंसी में पहुंचे। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में डॉक्टर-पैरामेडिकल स्टॉफ की टीम ने गंभीर मरीजों को भर्ती किया।

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