लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन ने ट्रॉमा सेंटर से गंभीर मरीजों को वापस न लौटाने के निर्देश दिये है। दिये गये निर्देश में कहा गया है कि अगर सम्बधित विभाग में बिस्तर खाली नही है, तो जिस भी विभाग में भी बिस्तर खाली हो, वहां पर मरीज शिफ्ट करके इलाज शुरू कर दिया जाएगा। मरीज जिस विभाग का है कि उसी विभाग के डाक्टर जाकर मरीज का इलाज करते रहेंगे। ट्रॉमा सेंटर में करीब 390 बेड हैं। यदि आंकड़ों को प्रतिदिन लगभग 400 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। बिस्तर खाली न होने के कारण विभाग में रिक्त बिस्तरों की संख्या के आधार पर मरीज को भर्ती कर लेते है आैर शेष मरीजों को बिस्तर फ ुल होना बता कर दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
जहां भी मरीज इलाज या वेंटिलेटर न होने पर मरीज निजी अस्पताल चला जाता है। यहां पर न्यूरो सर्जरी, हड्डी रोग विभाग, न्यूरोलॉजी विभाग में मरीजों की वेंटिग चलती रहती हैं। अब इन विभागों में बिस्तर न खाली होने पर मरीजों को दूसरे विभागों में बिस्तर खाली होने पर भर्ती कर लिया जाएगा। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है केजीएमयू प्रशासन ने मरीजों के हित में एक फैसला लिया है। इसमें संबंधित बीमारी के विभाग में बेड खाली न होने पर मरीज को दूसरे विभाग में भी शिफ्ट कराया जाएगा, जहां से मरीज की बीएचटी संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर दूसरे विभाग में भी जाकर मरीज का इलाज करेंगे।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












