लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में बीतीरात हुए अग्निकांड में मरीजों की मौत का आकंड़ा बढ कर बारह पहुंच गया है। जिला प्रशासन ने पांच मौतों में दो मृत मरीजों के परिजनों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो – दो लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा शिफ्ट किये गये मरीजों में एक की शतादी अस्पताल व दूसरे की ट्रामा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गयी। मुआवजा दिये गये मरीजों के अलावा अन्य मरीजों की मौत की जांच करायी जा रही है।
केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में बीती रात अग्निकांड में मरीजों की भगदड़ व दम घुटने से पांच मरीजों की मौत हो गयी थी। इनमें दो नवजात शिशु भी शामिल थे। इसके अलावा जिला प्रशासन ने पास पांच मरीजों ने आैर नाम आये है जिनकी मौत अग्निकांड के दौरान इलाज के अभाव में हो गयी थी। इनमें दो मृत मरीजों को मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो दो लाख रुपये के मुआवजा देने की घोषणा कर दी है। जिला प्रशासन का दावा है कि अन्य मरीजों की मौत की जांच कराने के बाद मुआवजे दिया जाएगा। उधर केजीएमयू में ट्रामा सेंटर में अग्निकांड के दौरान शताब्दी अस्पताल शिफ्ट कराये गये रायबरेली के संतोष की मौत बीती रात ही हो गयी। उनके परिजनों ने बताया कि संतोष के आक्सीजन लगी हुई थी।

आक्सीजन मास्क हटा कर मरीज को बिस्तर सहित शताब्दी अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा था। आक्सीजन हटते ही वह तेज सांस लेने लगा था। ट्रामा सेंटर के बाहर निकलते ही उसने आखिरी बार तेज सांस ली आैर उसकी मौत हो गयी। लेकिन डाक्टरों ने इसकी घोषणा शताब्दी अस्पताल में पहुंच कर थी। शव को रात में देने की बजाय आज दिया गया। इसके अलावा ट्रामा सेंटर में शिफ्ट कराये गये ओमप्रकाश की मौत भी हो गयी। उनके परिजनों का कहना है कि ओमप्रकाश के फेफड़े में पानी भरा था। उसको निकाला जाना था, शिफ्ट करने के बाद उनको सही इलाज न मिलने के कारण उनकी मौत हो गयी।












