]लखनऊ। सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशानुसार गुरुवार को लगभग प्रदेश के 1,25,308 हेल्थ वर्कर्स का टीकाकरण किया गया। प्रदेश में सुबह नौ बजे से पांच बजे तक लगभग 1,607 से अधिक सेंशन चलाए गए। फ्रंट लाइन वर्कर्स के टीकाकरण अभियान की शुरूआत पांच फरवरी से की जाएगी। प्रदेश में 25 मार्च तक हेल्थ केयर वर्कर्स व फ्रंट लाइन वर्कर्स की वैक्सीनेशन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश में 16 जनवरी को 22,643, जनवरी 22 को 1,01,006, जनवरी 28 को 1,71,198, जनवरी 29 को 1,68,834 और 04 फरवरी को 1,25,308 टीके हेल्थ वर्कर्स को लगाए गए। बता दें कि प्रदेश में कोरोना फ्रंटलाइन वर्कर्स की संख्या लगभग 08 लाख है। प्रदेश में पांच फरवरी से फ्रंट लाइन वर्कर्स का कोविड टीकाकरण किया जाएगा। जिसके तहत पुलिसकर्मी, सेना के जवानों, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, सफाई कर्मचारी, रेवन्यू डिपार्टमेंट के कर्मचारियों को टीका लगाया जाएगा। 25 मार्च के बाद 50 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा।
प्रदेश में कोविड के एक्टिव केस पांच हजार से कम
कोरोना के खिलाफ यूपी की रणनीति दूसरे प्रदेशों से ज्यादा सफल रही है। इसका ही परिणाम है कि अब प्रदेश में केवल 4,629 एक्टिव केस रह गए हैं। पिछले 24 घंटें में प्रदेश में केवल 169 कोरोना के नए मामले सामने आए हैं वहीं 263 मरीज स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं। अब तक प्रदेश में दो करोड़ 82 लाख 11 हजार 469 सैंपल की जांच की जा चुकी है। कान्टेक्ट ट्रेसिंग और ‘सर्विलांस’ के जरिए कोरोना वायरस की चेन को तोड़ वायरस पर काबू पाने में अदभुत सफलता हासिल की है।
प्रदेश में 5.42 लाख स्वास्थ्यकर्मियों को लगाए गए टीके
सर्वाधिक कोरोना जांच के बाद अब टीकाकरण कराने में भी यूपी शीर्ष पर है। प्रदेश में कोविड पर लगाम लगाने में योगी सरकार की नीतियां कारगर साबित हुई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश कोविड नियंत्रण पर सफलता के नए रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है। कोरोना टेस्टिंग के बाद यूपी अब देश में सर्वाधिक कोविड वैक्सीनेशन करने वाला प्रदेश भी बन गया है। यूपी ने देश में सबसे अधिक 5.42 लाख टीके लगा कर कोविड जांच के बाद वैक्सीनेशन में भी नंबर वन का खिताब हासिल किया है।












