लखनऊ । वीरागंना अवंतीबाई (डफरिन) अस्पताल में शनिवार को नवजात शिशु की मौत श्वसन तंत्र में दूध के फंसने के कारण स्वास्थ्य विभाग मान रहा है। हालांकि टीकाकरण के बाद कारण नवजात शिशु की बिगड़ी हालत को नजर अंदाज कर दिया है। सोमवार को शिशु के जन्म के बाद नेग न मिलने पर इलाज में लापरवाही को मानते हुए अस्पताल प्रशासन ने भी जांच शुरु करके स्टाफ नर्स, टीएनएम व सुरक्षा गार्डो के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
बताते चले कि शनिवार को डफरिन अस्पताल में भर्ती पुराने लखनऊ निवासी महिला के नवजात शिशु की मौत हो गयी थी। शुरू में तो परिजनों ने शिशु की मौत का कारण दो टीके लगने के बाद तबियत बिगड़ने इलाज न मिलना बताया था। इसके बाद अचानक नेग न मिलने के कारण इलाज में लापरवाही बताया जाने लगा। टीका लगने के बाद मौत होने की जानकारी होने पर रविवार को स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया था। सोमवार को टीकाकरण अधिकारी डा. एम के सिंह को डफरिन अस्पताल जांच के लिए भी भेजा गया।
जांच में डा. एम के सिंह ने डाक्टर, नर्स व अन्य लोगों से बातचीत के बाद शिशु की मौत का कारण गले में दूध अटकना बताया जा रहा है। हालांकि अब यह स्पष्ट नही है कि दूध टीका लगने के बाद तत्काल पिलाया गया था कि बाद में पिलाया गया था। इस मौत की घटना को अस्पताल प्रशासन ने नेग लिये जाने की मान कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल की प्रशासनिक अधिकारी डा. सविता भट्ट ने बताया कि अस्पताल स्तर पर की गयी कार्रवाई में स्टाफ नर्स, टीएनएम, गार्ड से पूछताछ करने के बाद कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया है। इनमें टीएनएम व सुरक्षा गार्ड को हटाया जा सकता है।












