लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय का कृत्रिम अंग अवयव (लिम्ब सेंटर) केन्द्र तीन दिसम्बर को स्थापना दिवस मनाने के साथ ही कई नयी बुलन्दियों को छूने जा रहा है। केन्द्र को पोलियो करेक्टिव सर्जरी करने का नोडल सेंटर बना दिया गया है। इसके अलावा नये उपकरण की कवायद शुरु हो गयी है। इससे केन्द्र में अत्याधुनिक कृत्रिम अंग कम शुल्क में बनाये जा सकें गे। केन्द्र के प्रभारी व चिकित्सा अधीक्षक डा. अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि तीन दिसम्बर को लिम्ब सेंटर स्थापना दिवस बनाने जा रहा है। लिम्ब सेंटर ने लगातार कृत्रिम अंगों के निर्माण से लेकर पोलियो करेक्टिव सर्जरी करन में मुकाम हासिल किया है।
करेक्टिव सर्जरी में लिम्ब सेंटर को नोडल सेंटर बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि करेक्टिव सर्जरी में दवा से लेकर कैलिपर दिया जा रहा है। इसके अलावा लेजर पोश्चर विद एससरीज, माड्यूलर वर्क स्टेशन के साथ ही अन्य उपकरण आ जाने के बाद अत्याधुनिक कृत्रिम उपकरण बनाये जाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि लिम्ब सेंटर में 308 मेजर व 1592 माइनर आपरेशन किये गये। इसके अलावा निर्धन मरीजों को निशुल्क उपकरण दिये गये। इसके अलावा एमडीपीएमआर कोर्स में दो सीटे बढ़ायी गयी है। उन्होंने बताया कि कृत्रिम अंग बनाये जाने के लिए अभी तक पुरानी तकनीक का प्रयोग किया जाता है।
नये उपकरण आने पर कृत्रिम अंगों को बनाने में सटीक मेजेरमेंट करने में मदद मिलेगी आैर हल्के व हाईटेक कृत्रिम अंग बनाये जाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा पीडियाट्रिक रिहैबलेशन यूनिट भी बनायी जाने की कवायद है। इसकी पहले ओपीडी शुरू की जाएगी। इससे कई जटिल कृत्रिम अंग बनाये जाने में मदद मिलेगी। वर्क स्टेशन बनाये जाने पर कृत्रिम अंग बनाने में सहायता मिलेगी। उनके यहां अत्याधुनिक फिजियोथरेपी यूनिट में सात हजार से ज्यादा मरीजों की इस वर्ष इलाज करने में मदद की गयी।












