लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के क्वीनमेरी में बुधवार को गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञों ने ध्यान आधारित योग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योग से तन और मन दोनों स्वास्थ रखने में मदद मिलती है। इसके नियमित अभ्यास से गर्भावस्था के दौरान होने वाली गंभीर समस्याओं की आशंका को भी कम किया जा सकेगा।
क्वीनमेरी में लखनऊ विश्वविद्यालय के सहयोग से योग सत्र शुरू किया गया है। यह अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के तहत आयोजन किया गया है। इसका उद्ेश्य योग से गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ्य जानकारी प्रदान करना है। विभाग प्रमुख डॉ. एसपी जायसवार ने कहा कि गर्भसंस्कार (प्रेनेटल शिक्षा) में योग भी आता है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए प्राणायाम बेहतर है। इस मौके पर विशेषज्ञों ने गर्भवती को योगाभ्यास और प्राणायाम कराया। योग अध्यापक प्रियंजली, अर्चना वर्मा, वंदना सिंह और संजना ने गर्भवती महिलाओं को ध्यान आधारित योग अभ्यास करने के लिए प्रोत्साहित किया।
लखनऊ विश्वविद्यालय की छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. पूनम टंडन ने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा का महत्व बताते हुए कहा कि एक संतुलित आहार और समय पर महत्वपूर्ण पोषक की पूर्ति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान खुद प्रसन्न और खुशनुमा वातावरण आवश्यक है। इससे सकारात्मक, भावनात्मक स्थिति गर्भवती व गर्भस्थ शिशु के समग्र स्वास्थ्य में मदद करता है।