लखनऊ । केजीएमयू के गेट नंबर पर अखिल भारतीय सपेरा महासभा की तरफ़ से बीन बजाकर प्रदर्शन किया गया। सपेरा महासभा के अध्यक्ष श्रीपतनाथ सपेरा ने कहा कि एक तरफ़ उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री दलितों समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए समर्पित हैं वहीं दूसरी तरफ़ केजीएमयू में समूह घ के नौकरियों में बांग्लादेशियों, रोहिंगयाओं और जिहादियों को संविदा पर नियुक्त किया जा रहा है। इस लखनऊ में पीढ़ियों से रहने वाला सपेरा समाज बेरोजगार होकर भीख मांगने को मज़बूर है लेकिन नौकरी जिहादी ताकतों को दी जा रही है।
सपेरा समाज एक देशभक्त समाज है। तमाम युवा हाईस्कूल, इंटर तक की पढ़ाई कर करके तमाशा दिखाने को मजबूर हैं लेकिन उन्हें केजीएमयू में नौकरी नहीं मिल रही है। कुलपति कार्यालय में नियुक्त सैयद अब्बास और पर्यावरण सेल देखने वाले डॉ परवेज हमारी नौकरियों पर डाला डाल रहे हैं।
श्री श्रीपत नाथ ने कहा कि आज हमें केजीएमयू के सामने बीन बजाकर इस विश्वविद्यालय में छुपे सपोलों को निकालने का आह्वाहन किया है।
यदि यह सपोले हमारे अधिकारों का इसी तरह दमन करते रहे तो हम और भी व्यापक आंदोलन करेंगे। वीसी कार्यालय के लोगों का कहना है कि वह सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से नियुक्ति करते हैं। यदि हमारा समाज इतना ही पढ़ा लिखा होता और कंप्यूटर चलाना जानता तो वह भला संविदा के समूह घ के नियुक्तियों के लिए क्यों परेशान होता?
केजीएमयू प्रशासन को इस पर जल्द से जल्द विचार करना ही होगा नहीं तो हम लोग जल्द ही सांपों के साथ केजीएमयू परिसर में प्रवेश करेंगे।












