यहां अब इलाज में होगी दिक्कत

0
625

 

 

 

लखनऊ। गोमती नगर स्थित डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में मरीजों को इलाज में कल से मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। दरअसल बुधवार को लोहिया संस्थान में प्रान्तीय चिकित्सा सेवा के तहत काम करने वाले लगभग 43 डाक्टरों को रिलीव कर दिया गया। नियमानुसार 31 मार्च को रिलीव किये गये इन डाक्टरों की संबद्घता की मियाद पूरी हो गयी थी, जिसके बाद लोहिया संस्थान प्रशासन ने यह फैसला लेना पड़ा है।
बताते चले कि वर्ष 2019 में लोहिया संस्थान में लोहिया अस्पताल का विलय हो गया था। उस समय मरीजों का इलाज प्रभावित न हो इसके कारण करीब 43 डाक्टरों को रोक लिया गया था। चर्चा थी कि इन डाक्टरों को मेडिकल कालेज बन (लोहिया संस्थान) जाने पर प्रोफेसर के तौर पर नियुक्त भी किया जा सकता है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका।
गौरतलब है कि लोहिया संस्थान में 135 फैकेल्टी कार्यरत थे,जिसमें से 43 डाक्टरों अब जा रहे हैं, जिसकी वजह लोहिया संस्थान में मरीजों को सूचारू रूप से इलाज कैसे मिलेगा, यह तो आने वाला वक्त बतायेगा। इसके अलावा अभी तक करीब 6 हजार मरीज रोजाना ओपीडी में देखे जाते थे। मरीजों के इस भारी दबाव को संस्थान प्रशासन के लिए व्यवस्थित करना बड़ी चुृनौती होगी।
बताया जा रहा है कि इन डाक्टरों के चले जाने से मनोरोग विभाग,चर्मरोग विभाग तथा ईएनटी विभाग में इलाज प्रभावित होगा, जिससे एमबीबीएस करने आये छात्रों के पढ़ाई में भी दिक्कत आने की बात की जा रही है।
लोहिया संस्थान के निदेशक प्रो.एके.सिंह के मुताबिक कोविड के कारण एक ओपीडी में सुपर स्पेशलिटी में 50 मरीज व सामान्य में 100 मरीज देखें जायेंगे। जिससे चिकित्सकों पर विशेष दबाव नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि 43 नहीं बल्कि 32 चिकित्सक को रिलीव किया गया है। इसके सापेक्ष 34 लोगों की भर्ती की जायेगी। भर्ती के लिए 134 एप्लिकेशन आ चुकी हैं,आने वाले सप्ताह तक भर्ती हो जायेगी।

Previous articleKGMU बिना मास्क,200 रुपये जुर्माना
Next articleयहां अब इलाज में होगी दिक्कत

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here