लखनऊ। अलीगंज के फतेहपुर गांव में संक्रमण फैलाने वाली बीमारी का जांच में खुलासा हो गया है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की जांच में रिपोर्ट में कालरा बीमारी निकली है। यह बीमारी दो लोगों की मौत का कारण बनी और 300 से अधिक लोगों के बीमार पड़ गये है। विशेषज्ञ डाक्टरों का मानना है कि पानी में सीवर मिलने से कालरा संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है। डायरिया पीड़ित एक मरीज की जांच में कालरा बैक्टीरिया मिले हैं। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी गयी है।
बताते चले कि फतेहपुर गांव मेंलगभग दस दिन से ज्यादा डायरिया का संक्रमण बना हुआ है। क्षेत्र में लगातार लोग बीमार हो रहे है। अगार देखा जाए तो 30 से ज्यादा डायरिया पीड़ितों को भाऊराव देवरस सहित अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया जा चुका है। संक्रमण के कारणों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों के ब्लड, यूरीन और स्टूल का नमूना लेकर जांच करा रहा है। केजीएमयू की जांच रिपोर्ट में एक मरीज में कालरा संक्रमण के बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है।
इस रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग, जल संस्थान और नगर निगम अधिकारियों में हड़कंप मचा है। अगर विशेषज्ञ डॉक्टरों की माने तो कालरा का प्रमुख कारण पानी में सीवर का मिलना है। दूषित पानी पीने से व्यक्ति घातक कालरा की चपेट में आ सकता है। फतेहपुर गांव में बड़ी संख्या में लोगों के घरों के पानी की पाइप लाइन नालियों से होकर गुजर रही थी। साथ ही पानी व सीवर की लाइन भी सटी मिली। कहीं भी पाइप लाइन लीकेज की वजह से समस्या बन गयी है।












