लखनऊ। पद नाम, केंद्र के समान भत्ते, नर्सेज के गृह जनपद में तैनाती, उच्च पदों पर पदोन्नति, चिकित्सालयों में पालना घर, संविदा या ऐजेंसी के माध्यम से कार्यरत नर्सेज को समान पद का समान वेतन व अन्य मागों पर कोई सुनवाई न होने पर प्रदेश नर्सो ने आंदोलन की घोषणा की दी है। 19 फरवरी से 27 मार्च तक काला फीता बांधने के साथ ही गेट मीटिंग व धरना प्रदर्शन करके आंदोलन करेगी। इसके बाद भी सुनवाई न होने पर आंदोलन के अगल चरण की घोषणा होगी।
राजकीय नर्सेज संघ कार्यकारिणी की बैठक विज्ञान भवन, बलरामपुर अस्पताल में रविवार को आयोजित की गयी, जिसमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा, शिक्षा विभाग पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। बैठक में प्रदेश के जनपद-लखनऊ, झांसी, कानपुर, बरेली, आगरा, अलीगढ़, फिरोजाबाद, सहारनपुर, पीलीभीत, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, प्रयागराज, बाराबंकी, कौशाम्बी, आदि मण्डलों, जनपदों के पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया गया, जिसमें प्रदेश कार्यकारिणी के कोषाध्यक्ष जितेन्द्र बहादुर सिंह, आडीटर महेन्द्र नाथ श्रीवास्तव, तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से श्रीमती मंजू सिंह, हृदय नारायण राजपूत, बीना त्रिपाठी, मृदुला, माधुरी वर्मा, सत्येन्द्र सिंह, कुसुम, मीना वर्मा, घनश्याम सिंह आदि पदाधिकरी मौजूद थे।
बैठक की अध्यक्षता श्रीमती रानी वर्मा अध्यक्ष, राजकीय नर्सेज संघ ने किया। उन्होंने सभी नर्सेज को करोना महामारी की लड़ाई में मुश्किलों का सामना करते हुए फ्रंट लाईन कोराना योद्धा के रूप अपनी नर्सिंग सेवायें प्रदान करने हेतु बैठक में उपस्थित सभी लोगों आभार व्यक्त किया, इसी क्रम में हम लोगों के बीच में उपस्थित कुछ नर्सेज, जो इस करोना काल में कोविड-19 के मरीजों की चपेट में आकर संक्रमित होकर, जिनका स्वर्गवास हो गया, उन्हें शहीद नर्सेज के नाम से जाना जाए। बैठक में संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने नर्सेज संघ के मांग का विवरण सबके समक्ष प्रस्तुत किया गया। सर्वसम्मति से सभी लोगों ने पद नाम, केंद्र के समान भत्ते, नर्सेज के गृह जनपद में तैनाती, उच्च पदों पर पदोन्नति, चिकित्सालयों में पालना घर, संविदा या ऐजेंसी के माध्यम से कार्यरत नर्सेज को समान पद का समान वेतन दिया जाय, व अन्य मागों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। इसके साथ ही राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा 19 फरवरी से 27 फरवरी तक प्रस्तावित आन्दोलन में पूरे प्रदेश की नर्सेज काला फीता बांधकर आंदोलन में सम्मिलित होगीं। 28 फरवरी, से 27 मार्च तक जनपद के सभी चिकित्सालयों, चिकित्सा संस्थानों आदि में जन-जागरण और गेट मीटिंग के साथ किया जाएगा। जनपद मुख्यालय पर उपवास रखकर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।












