खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों को नई उड़ान, माटीकला महोत्सव में रिकॉर्ड बिक्री की तैयारी

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शिशिर के नेतृत्व में बाजार विस्तार को मिली गति, कारीगरों को आधुनिक मशीनें और ऋण

लखनऊ। प्रदेश के पारंपरिक शिल्प को बाजार की नई ताकत मिल रही है और खादी ग्रामोद्योग के उत्पादों की पहचान लगातार व्यापक हो रही है। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ शिशिर के नेतृत्व में उत्पादों को प्रोत्साहन देने, आधुनिक तकनीक से जोड़ने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को गति मिली है। इसी कड़ी में बुधवार को खादी भवन में माटीकला महोत्सव-2026 का शुभारंभ हुआ।

खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने फीता काटकर महोत्सव का उद्घाटन किया। पिछले वर्ष पांच करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री के बाद इस बार नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है।
महोत्सव में पांच कारीगरों को विद्युत चालित चाक, दो को पगमिल मशीन और मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना की लाभार्थी श्रेया को दो लाख रुपये के ऋण का चेक दिया गया। चाक पाने वालों में शिवा प्रजापति, राम खेलावन, नन्हा, अजय और गायत्री शामिल हैं। पगमिल मशीन रमेश कुमार और दिलीप कुमार को प्रदान की गई। श्रेया लखनऊ के मुंशीगंज, डालीगंज की निवासी हैं।

मंत्री राकेश सचान ने कहा कि मिट्टी के दीये, खिलौने, मूर्तियां, बर्तन, कुल्हड़ और घड़े भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। सरकार पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
48 हजार से अधिक कारीगर परिवार चिह्नित
उत्तर प्रदेश माटीकला बोर्ड का गठन 19 जुलाई, 2018 को किया गया था। अब तक 48,048 कारीगर परिवार चिह्नित किए गए हैं और 39,468 कारीगरों को मिट्टी निकासी के पट्टे आवंटित किए गए हैं। कारीगरों को 18,432 विद्युत चालित चाक और 675 पगमिल मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। वर्ष 2026-27 में 2,740 चाक और 300 पगमिल मशीनें वितरित करने का लक्ष्य है। इसके अलावा मूर्ति निर्माण के लिए 603 जोड़ी पीओपी डाई, पेंटिंग के लिए 31 मशीनें और दीये बनाने के लिए 81 मशीनें उपलब्ध कराई गई हैं।
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत सात वर्षों में 1,333 लाभार्थियों को ऋण दिलाकर इकाइयां स्थापित कराई गईं। मार्च 2027 तक 300 अतिरिक्त इकाइयां स्थापित कराने का लक्ष्य है। इसी अवधि में 18,432 लाभार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण, 1,333 को उद्यम संचालन और 7,836 को शिल्पकारी का प्रशिक्षण दिया गया। पीलीभीत, रामपुर, कन्नौज, अमरोहा, बाराबंकी, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमेठी, बरेली और जालौन में कॉमन फैसिलिटी सेंटर स्थापित किए गए हैं।
कार्यक्रम में हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा सार्वजनिक उद्यम विभाग के प्रमुख सचिव अनिल सागर और उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के सीईओ शिशिर उपस्थित रहे।

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