लखनऊ। 24 घंटे प्रसव कराने के दावा स्वास्थ्य विभाग का ठाकुरगंज स्थित क्षय रोग एवं संयुक्त अस्पताल में खोखला साबित हो रहा है। यहां पर 24 घंटे प्रसव की सुविधा ठप हो गयी है। यहां पर जच्चा- बच्चा की भर्ती के लिए मात्र एक डाक्टर है, जो कि महिलाओं को भर्ती करने का कोई रिस्क नहीं लेती है। ऐसे में स्त्री रोग एवं प्रसूता यूनिट वार्ड में ताला लटक गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने ठाकुरगंज के क्षय रोग एवं संयुक्त अस्पताल को शहर का पहला सामुदायिक स्वास्थ्य केद्र घोषित कि या था आैर यहां टीबी के अलावा सर्जरी व अन्य इलाज करने का दावा भी किया था। यहां पर खास कर महिलाओं के प्रसव कराने के लिए सभी सुविधाएं मौजूद रहने का दावा स्वास्थ्य विभाग ने किया था। अस्पताल में पहली डिलीवरी होने के बाद क्षेत्र में प्रचार प्रसार करके बाद दावा किया गया था कि अस्पताल में लगातार प्रसव होता है। बेहतर इलाज के लिए गाइनोयूनिट में नर्सिंग स्टाफ भी तैनात कर दिया गया। दो स्त्री रोग विशेषज्ञ डाक्टरों को तैनात की गयी थी। इनमें से एक स्त्री रोग विशेषज्ञ का तबादला हो गया।
एक मात्र स्त्री रोग विशेषज्ञ के ऊपर भर्ती होने वाली महिलाओं की जिमेदारी आ गयी। भर्ती होने वाले मरीजों से परेशान स्त्री रोग डाक्टर ने भर्ती ही बंद कर दी। ओपीडी में महिलाओं का आैपचारिक इलाज हो जाता है। अस्पताल के प्रभारी डा. आनंद बंधु ने बताया कि यहां बेहतर कार्य होने की सम्भावना थी, पर एक महिला डाक्टर के चले जाने से दिक्कत पैदा हो गयी है। स्वास्थ्य विभाग को जानकारी दे दी गयी है।