तबादले के खेल में बाजीगर है यहां

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लखनऊ। प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री एक तरफ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के तबादला निति को पारदर्शी बनाने की बात करते नहीं थकते, कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह ने खुले मंच से कहा था कि पहले मई जून के महीने में चिकित्सकों का ट्रान्सफर करोड़ों का व्यवसाय था। लेकिन उनकी सरकार ने तबादला नीति को पारदर्शी बनाया है। वहीं दूसरी तरफ शासन के अधिकारी उनकी बात का मजाक बनाते हुये तबादले में खेल करने से बाज नहीं आ रहे हैं।

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ताजा मामला राजधानी स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल का है,जहां पर एक डेंटल सर्जन के पद के सापेक्ष दो चिकित्सकों की तैनाती का मामला सामने आया है। बीते जून महीने में शासन के अधिकारियों ने खेल करते हुये डेंटल सर्जन डॉ.रितु सुबोध का तबादला लखनऊ के महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल में कर दिया। जबकि इससे पहले उनका तबादला बहराइच जिले में किया गया था। शाासन के अधिकारियों के मिली भगत के चलते यह तबादला निरस्त किया गया और डॉ.रितु सुबोध को लखनऊ में ही तैनाती दे दी गयी। यह खेल शासन के अधिकारियों ने तब किया है जब सरकार की तरफ से तबादला नीति में साफ कहा गया है कि जो चिकित्सक लखनऊ में १० साल तैनात रह चुका है,उसका तबादला बाहर के अन्य जिलों में किया जाये।

डॉ.रितु सुबोध की तबादले से पहले ठाकुरगंज स्थित टीबी सह संयुक्त चिकित्सालय में तैनात थी,पहले उनका तबादला बहराइच किया गया,उसके बाद उस आदेश को निरस्त कर लखनऊ के महानगर कर के भाऊराव देवरस अस्पताल में कर दिया गया। जानकारों की माने तो इससे पहले डॉ.रितु सुबोध २००६ से २०१३ तक महानगर के भाउराव देवरस अस्पताल में ही बतौर डेंटल सर्जन तैनात थी। इसके बाद लोहिया अस्पताल में भी इनकी तैनाती थी। इस प्रकार १० वर्ष से अधिक डॉ.रितु सुबोध लखनऊ में रह चुकी हैं।

एक पद के सापेक्ष दो चिकित्सक –

डॉ.रितु सुबोध की तैनाती २००६ में भाऊराव देवरस अस्पताल में गयी थी,तब यह अस्पताल सीएमओ के अधीन हुआ करता था। २०१३ में डॉ.रितु सुबोध के तबादले के बाद भाऊराव देवरस अस्पताल में डेंटल सर्जन के रूप में डॉ.जितेन्द्र कुमार माथुर की तैनाती हो गयी है। मौजूदा समय में डॉ.जितेन्द्र कुमार माथुर हाईकोर्ट में क्लीनिकल काम देख रहे है,लेकिन डॉ.जितेन्द्र की तनख्वाह भाऊराव देवरस अस्पताल से ही बनती है। फिलहाल डॉ.रितु सुबोध की भाऊराव देवरस अस्पताल में तैनाती को लेकर मामला उलझ गया है।

भाऊराव देवरस अस्पताल में मौजूदा समय में चिकित्सकों के कुल १२ पद बताये जा रहे हैं। जिन पर पहले से ही चिकित्सक तैनात हैं,ऐसे में डॉ.रितु सुबोध को अस्पताल के सीएमएस ने ज्वाइन कराने को लेकर हाथ खड़े कर लिया है। इसके बाद वास्थ्य महकमे के अधिकारियों को अब यह समझ में नहीं आ रहा है कि एक पद के सापेक्ष दो लोगों की तैनाती कैसे की जाए।

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