लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रॉमा सेंटर में बीती रात मरीज की मौत पर आक्रोशित तीमारदारों को सुरक्षा गार्डों ने मेन गेट का चैनल बंद कर दौड़ा- दौड़ा कर पीटा। लाठियों आैर डंडों से सुरक्षागार्ड तीमारदारों को बेरहमी से पीट रहे थे अौर पुलिस चैनल के दूसरी तरफ मूकदर्शक बन खड़ी रही। तीमारदार पुलिस से बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, केजीएमयू प्रशासन ने घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है। कर्मचारियों की शिकायत पर केजीएमयू प्रशासन ने पुलिस को तहरीर दी है। इसमें तीमारदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है।
काकोरी का रहने वाला फैजान (27) शनिवार रात एक्सीडेंट में घायल हो गया था। उसके सिर, हाथ, सीने सहित अन्य अंगों गंभीर चोटे लगी थी। तीमारदार मरीज को गंभीर हालत में लेकर रात में करीब एक बजे ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां तीमारदार रिजवान का आरोप है कि ट्रामा सेंटर की कैजुअल्टी में डॉक्टर ने लगभग आधा घंटे तक मरीज को नहीं देखने नहीं आये। फैजान लगातार दर्द से तड़प रहा था, उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। जब तक कोई डाक्टर इलाज करने आता तब वह बेहोश हो गया। इस पर मरीज को देखने की बात को लेकर डॉक्टर व कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। इसके बाद भी खुन्नस खाये डाक्टरों ने फरियाद करने के बाद ही मरीज को देखने आये। डाक्टरों ने किसी प्रकार इलाज शुरू ही किया था कि मरीज फैजान को हार्ट अटैक पड़ गया। हार्ट अटैक के बाद डाक्टरों ने उसे गंभीरता से लेते हुए बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन तब तक मरीज की सांसें थम चुकी थी।
तीमारदारों का आरोप था कि अगर समय पर मरीज का इलाज शुरू कर दिया गया होता तो बचाया जा सकता था। मृत मरीज को जब कैजुअल्टी में जाने लगे तब आक्रोशित तीमारदारों का कर्मचारियों से विवाद शुरू हो गया। तीमारदार व कर्मचारियों में विवाद बढ़ गया। इस बीच दस – बारह तीमारदार और कैजुअल्टी में आ गये। कर्मचारियों से नोंक -झोंक शुरू हो गई आैर नोंक झोंक मारपीट में बदल गयी। आरोप है कि तीमारदारों ने ड्यूटी पर तैनात फार्मासिस्ट राज किशोर, वार्ड ब्वॉय रजनीश, राजकुमार गुप्ता, सफाई कर्मी रवि वाल्मीकि को पीट दिया। कुछ कर्मचारियों के कपड़े फटे आैर हाथ और पैर में कर्मचारियों को चोटे भी आई हैं।
बताया जाता है कि कर्मचारियों और तीमारदारों में मीरपीट से कैजुअल्टी में अफरा-तफरी मच गई। वहां भर्ती मरीजों को तीमारदार किसी तरह बचाकर बाहर निकलने लगे। कुछ मरीजों के ऑक्सीजन लगी थी। तीमारदारों ने ऑक्सीजन बंद कर मरीज को बाहर निकाला। ग्लूकोज आदि की शीशियां हाथ में लेकर तीमारदार भागे।
मारपीट की घटना हो रही थी, इस बीच एसआईएस सिक्योरिटी एजेंसी के तैनात सुरक्षागार्डों लाठी, डंडों को लेकर पहुंच गये आैर मेनगेट के बाद चैनल बंद किया। चैनल बंद होने के बाद सुरक्षा गार्डों ने तीमारदारों की घेराबंदी करके लाठी-डंडों से पीटना शुरू किया। तीमारदार शव को छोड़ इधर- उधर भागने लगे। तीमारदार चीखते रहे आैर लाठियां चलती रही। तीमारदार बचाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन पीआरओ सहित कोई मदद को नहीं आया। आलम यह था कि ट्रामा सेंटर पुलिस चौकी की पुलिस चैनल के बाहर मूक दर्शक बनी खड़ी थी। उसने तीमारदारों की फरियाद भी नहीं सुनी।
ट्रामा सेंटर के प्रवक्ता डा. संदीप तिवारी का कहना है कि बीती रात ट्रॉमा सेंटर की घटना की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच में यदि सुरक्षा गार्ड व कर्मचारियों दोषी पाए गए, तो कठोर कार्रवाई होगी। ट्रॉमा में कुछ असामाजिक तत्वों ने डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारियों से मारपीट आैर तोड़-फोड़ भी की। सुरक्षागार्डों ने डॉक्टर व कर्मचारियों की सुरक्षा की है। चीफ प्रॉक्टर की तरफ से अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बताते है कि मुकदमा अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराया गया है।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












