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एक कदम और आगे बढ़ा के.जी.एम.यू का रेस्परेटरी मेडिसिन विभागः कुलपति
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में श्वास रोगियों को समर्पित 6 बेड वाले रेस्परेटरी मेडिसिन आई,सी.यू का उद्घाटन के.जी.एम.यू के कुलपति ले. जनरल (डॉ) बिपिन पुरी ने किया । इस अवसर पर कुलपति ने कहा कि रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में रेस्परेटरी मेडिसिन आई.सी.यू. एक मील का पत्थर सबित होगा। बढ़ते हुए शहरीकरण, प्रदूषण एवं धूम्रपान की वजह से स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों में निरन्तर बढ़ोत्तरी हो रही है। जिससे श्वास रोग की गम्भीर बीमारियों से ग्रसित रोगियों को प्रायः सघन चिकित्सा उपलब्ध नहीं हो पाती है। जिसके अभाव में श्वास रोगियों को असामयिक मृत्यु का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग की ओपीडी में आने वाले कम गंभीर रोगियों के इलाज की सुविधा कस्तूरबा चेस्ट हास्पिटल रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में उपलब्ध थी, परन्तु अतिगंभीर रोगियों को इलाज के लिए अन्य विभागों में भेजना पड़ता था, जिससे मरीजों को असुविधा होती थी।
रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष, डा. सूर्यकान्त ने बताया की रेस्पेटरी मेडिसिन आई.सी.यू के शुरू हो जाने से रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग अति गंभीर रोगियों को सघन चिकित्सा उपलब्ध करा सकेगा । श्वास रोगों से गम्भीर रोगियों के लिए विभाग में अभी तक कोई आई.सी.यू सुविधा नहीं थी। अतः इस आशय से यह श्वास रोगियों को समर्पित आई.सी.यू प्रारन्म किया गया है। अब सांस रोगियों को बिना किसी परेशानी के विभाग में इलाज संभव हो सकेगा ।
ज्ञात हो कि रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग अपना 75 वां प्लेटिनम जुबली स्थापना वर्ष (1946 में स्थापित) मना रहा है। अतः इस अवसर पर रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में 75 शैक्षणिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने का निश्चय किया है। आज का अनावरण समारोह इसी श्रृंखला की एक कड़ी है।
इस उद्घाटन समारोह में केजी.एम.यू. के प्रति कुलपति, डा० विनीत शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, डा. एस.एन. शंखवार, इमरजेन्सी मेडिसिन विभाग के विभाग्यक्ष डा. हैदर अब्बास एवं अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। इस मौके पर रेस्परेटरी मेडिसिन के संकाय सदस्य डा० आर.ए एस. कुशवाहा, डा. राजीव गर्ग, डा. सन्तोष कुमार, डा. अजय कुनार वर्मा, डा. दर्शन कुमार बजाज, डा ज्योति बाजपाई व डा. अंकित कटियार रेजिडेन्ट डाक्टर्स नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ व समस्त कर्मचारी गण उपस्थित रहे।












