एसएल लेप्रोस्कोपी इसमें कारगर

0
671

लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अब सिंगल होल लेप्रोस्कोपी सर्जरी भी शुरू कर दी गयी है। हालंाकि यह तकनीक काफी पुरानी है लेकिन यह मरीजों के लिए बेहद कारगर है, लेकिन लोहिया संस्थान के जनरल सर्जरी विभाग के डाक्टरों ने इस तकनीक से लगातार सर्जरी कर रहे है।

लोहिया संस्थान के डा. विकास सिंह बताते है कि जनरल सर्जरी विभाग में लगातार सर्जरी की जा रही है। सभी तकनीक से सर्जरी होने लगी है। इनमें सिंगल होल लेप्रोस्कोपी तकनीक बेहद कारगर है। उन्होंने बताया कि आम तौर पर लेप्रोस्कोपी तकनीक से सर्जरी करने पर तीन से चार होल किये जाते है। मरीज की हालत के अनुसार पांचवा होल भी बनाया जाता है। परन्तु सिंगल होल सर्जरी में सिर्फ नाभि के माध्यम से ही लेप्रोस्कोपी की जाती है। किसी अन्य प्रकार का होल नहीं बनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इसी मात्र एक होल से पित्त की थैली भी बाहर निकाल ली जाती है।

हार्निया में भी मेस(जाली) लगा दी जाती है। इसके अलावा आैर कोई कट नहीं लगता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से सर्जरी युवतियों व उन लोगों के लिए सही रहती है। जिन लेागों को शरीर पर एक भी सर्जिक ल निशान नहीं दिखने चाहिए। इस कारण यह सर्जरी युवतियों व युवकों में कारगर हो रही है। डा. विकास बताते है कि सिंंगल होल लेप्रोस्कोप तकनीक से लोहिया संस्थान पित्ताशय, हार्निया की सर्जरी की जा रही है। लोहिया संस्थान में यह सर्जरी लगातार हो रही है।

अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

Previous articleपोस्टमार्टम अब फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी करेंगे
Next articleपीडियाआर्थो में शुरु बच्चों के पैरों की सर्जरी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here