
लखनऊ। मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान राम का जन्म चैत्र शुक्ल नवमी तिथि को मध्यान में गुरूवार को पुनर्वसु नक्षत्र कर्क लग्न में हुआ था। इस वर्ष उदया तिथि अनुसार नवमी तिथि 27 मार्च को है । भगवान विष्णु के 10 अवतारों मेें से 7वाँ अवतार राम जी का है। इस वर्ष राम नवमी 27 मार्च चैत्र शुक्ल नवमी को मनाई जायेगी। रामनवमी में पुनर्वसु नक्षत्र, रवि योग एवं सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहे है। इस विशेष संयोग में भगवान राम की पूजा, सुंदरकांड का पाठ, हनुमान चालीसा और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है। रामनवमी पर इस शुभ संयोग में भगवान राम का जन्मोत्सव मानने से शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
स्वास्तिक ज्योतिष केन्द्र, अलीगंज के ज्योतिषाचार्य-एस.एस.नागपाल ने बताया कि श्री राम का जन्म हर्षाेल्लास के साथ मनाना चाहिये। घर-मन्दिर को बंदनवार, ध्वजा आदि से सजाना चाहिए। इस दिन व्रत रख कर प्रातःकाल भगवान राम के साथ सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन करना चाहिए।
माना जाता है कि गोस्वामी तुलसीदास ने श्री रामचरित मानस की रचना भी श्री रामनवमी के दिन ही शुरु की थी भगवान राम के पूजन और मंत्र जाप से बुद्वि -विवेक, सुख-समृद्धि रोग निवारण शत्रु से मुक्ति और शक्ति व साहस प्राप्त होता है। इस व्रत के साथ ही बसंत नवरात्र समाप्त हो जाते है। राम नवमी हेतु मध्यान पूजा मुर्हूत प्रातः 11:47 से दिन 12:36 तक श्रेष्ठ है।











