लखनऊ। राजधानी में किशोरावस्था की समस्याअों का निराकरण के लिए इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स जागरूकता सप्ताह मना रहा है। 8 से 14 नवम्बर तक मनाये जाने वाले सप्ताह के तहत राजधानी के विभिन्न स्कू लों में किशोर – किशोरियों की जागरुक किया जा रहा है। पोस्टर, निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह जानकारी इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स लखनऊ के सचिव डा.आशुतोष वर्मा ने पत्रकार वार्ता में दी। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में होने वाली समस्याएं बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि नेशनल फेमली हेल्थ विभाग में मौजूदा समय में पूरे विश्व में टीन एजर्स प्रेग्नेंसी के मामले में भारत की भागीदारी 7.1 प्रतिशत है। डा.वर्मा ने बताया कि टीन एजर्स प्रेग्नेंसी का मुख्य कारण हमारे देश में जागरूकता कार्यक्रमों की कमी है या यूं कहें कि सेक्स एजूकेशन शून्य है, जिसकी मौजूदा समय में सख्त जरूरत है।
डा.आशुतोष वर्मा कि नशे की लत से लेकर पार्नोग्राफी तक की लत किशोरावस्था से ही शुरू होती है। यदि इस उम्र में बच्चों का ध्यान रखा जाये। उन्हें अकेलेपन का एहसान न होने दिया जाय। तो किशोरों को नशे तथा पार्नोग्राफी की लत से दूर रखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि आंकड़ों की माने तो 76 प्रतिशत लोगों में नशे की लत स्कूल के समय से ही लग गयी थी। बालरोग विशेषज्ञों ने उठाया किशोरावस्था की समस्याओं के निराकरण व जागरुकता के लिए अभियान चलाया है।












