लखनऊ। अयोध्या स्थित श्री राम जन्म भूमि के ऐतिहासिक फैसले को लेकर शनिवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लोहिया संस्थान की ओपीडी में सन्नाटा पसरा हुआ था, तो सरकारी अस्पतालों में हाफ डे होने के बाद भी ओपीडी में मरीजों की भीड़ नदारद थी। मानों आज अघोषित अवकाश कर दिया गया हो। केजीएमयू की ओपीडी के काउंटरों पर सुबह लम्बी लाइने लग जाती है। डाक्टरों के कमरे के बाहर लगी वेंटिग चेयर फ ुल हो जाती है, परन्तु आज सुबह से न तो ओपीडी के काउंटरों पर लम्बी लाइन लगी थी आैर वेंटिग चेयर पर बैठने के लिए कोई मरीज तीमारदार नजर आ रहा था। पैथालॉजी काउंटर शायद ऐसा कोई दिन नही जाता है, जब भीड़ ब्लड सैम्पल जमा कराने के लिए आक्रोशित न होती है, लेकिन आज काउंटर पर शांति बनी हुई थी।ओपीडी के ज्यादातर कमरों में सीनियर डाक्टर गायब थे आैर जूनियरों ने कुछ देर मरीजों का इंतजार किया आैर उसके बाद वह भी गायब हो गये।
एक तरह से अघोषित अवकाश सा माहौल बना हुआ था। ओपीडी ही नहीं विभागों के कमरों में भी सन्नाटा पसरा हुआ था। जहां पर डाक्टर अपने कमरो में बैठे थे। वहां पर टीवी स्क्रीन पर श्री राम जन्म भूमि का निर्णय सुनने के लिए टकटकी लगाये हुए थे। शनिवार होने के कारण जटिल सर्जरी न हो कर माइनर सर्जरी ही की गयी। लोहिया संस्थान में अन्य दिनों की अपेक्षा बहुत कम संख्या में मरीज मौजूद थे। पर्चा काउंटर पर पंजीकरण कराने के लिए कोई हंगामा मचा हुआ था। उधर सरकारी अस्पतालों में हाफ डे ओपीडी के बाद भी सन्नाटा पसरा हुआ था। ओपीडी में बहुत संख्या में मरीज आये हुए थे। जहां पर ओपीडी की टाइम होने के बाद भी मरीज डाक्टरों से मरीज देखने का अनुरोध किया करते थे। वहां पर आज सन्नाटा पसरा हुआ था। सरकारी अस्पतालों में भी मेजर न करके माइनर ओटी ही की गयी।
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