लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर में वरिष्ठ डाक्टर बृहस्पतिवार को जब विभागोंमें राउंड कर रहे थे, तब चार वर्षीय बच्ची का पिता इलाज के लिए भटक कर रहा था। इलाज न मिलने पर जब वह वापस एम्बुलेंस में लेकर पहुंचा, तब तक इलाज न मिलने से बच्ची की मौत हो चुकी थी। बताया जाता है कि पीआरओ के अलावा अन्य कई कर्मी भी साथ में चलते है। इस कारण पीआरओ कार्यालय में कोई जानकारी देने के लिए नहीं बचता है।
बताते है कि गोरखपुर रहने वाली सुरभी (4) को कई दिनों से तेज बुखार था। परिजन स्थानीय क्लीनिक के डाक्टर को दिखाकर दवा खिला रहे थे। बीती रात में सुरभी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी। परिजन जल्दी से निकट के प्राइवेट हॉस्टिपल ले गये। यहां भर्ती करने के बजाए डॉक्टर ने जांच के बाद ही इलाज शुरू न करते हुए केजीएमयू ले जाने की परामर्श दिया। पिता विश्वजीत का दावा है कि वह सुबह लगभग आठ बजे सुरभी को लेकर ट्रामा सेंटर पहुंचे। उनके अनुसार सुरभी एंबुलेंस में ऑक्सीजन सपोर्ट पर चल रही थी । उनका अारोप है कि कैजुअल्टी के डॉक्टरों ने बच्ची को बाल रोग विभाग व पीआइसीयू में बेड फुल होना बताया आैर भर्ती करके इलाज नहीं किया।
पिता अपनी बेटी को लेकर विभागों के डाक्टरों से स्ट्रेचर पर ही इलाज शुरू करने की फरियाद कर रहा था। पिता विश्वजीत ट्रामा सेंटर में विभाग दर दर विभाग भटकता रहा। लोगो की सलाह पर पीआरओ कार्यालय भी गया, लेकिन सभी गायब मिले। वहीं पीआरओ कक्ष में बैठे चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने साहब के राउंड पर जाने का हवाला देकर लौटा दिया। ऐसे में सवा नौ बजे के करीब सुरभी की इलाज के अभाव में एंबुलेंस में ही मौत हो गई। फि लहाल केजीएमयू प्रशासन ने ऐसी कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












