रोग के कारण को जानने के साथ-साथ इसके निवारण का उपाय करना आवश्यक: मुख्यमंत्री

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लखनऊ। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरोग्यता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रोग के कारण को जानने के साथ-साथ इसके निवारण का उपाय करना आवश्यक है। रोग के उपचार की व्यवस्था करने के बावजूद रोग के कारणों की रोकथाम न किया जाना समाज की सबसे बड़ी बीमारी हो जाती है। मुख्यमंत्री शनिवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय परिसर में माँ शारदालय मन्दिर के लोकार्पण के पश्चात अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कनवेन्शन सेण्टर में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने माँ शारदालय मन्दिर के परिसर में रुद्राक्ष का पौधा भी रोपित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्या और मेधा की अधिष्ठात्री देवी माँ शारदा तथा आरोग्यता के देव भगवान धन्वंतरि की प्रतिमाओं की एक साथ स्थापना का एक ही लक्ष्य है कि हम अपनी मेधा को लोककल्याणकारी बनाते हुए समाज को आरोग्यता के लक्ष्य की पूर्ति हेतु अग्रसर कर सकें। यह मन्दिर आस्था का प्रतीक होने के साथ-साथ नदी एवं जल संस्कृति के प्रति जागरूक होने का उदाहरण भी है। विसर्जन के समय मूर्ति से निकलने वाले पदार्थ नदी के जल को दूषित न कर सके। इसलिए यह नदी के प्रदूषण को कम करने का संस्थान का एक अभिनव प्रयास है।

उन्होंने कहा कि हर भारतीय मानता है कि जल ही जीवन है। जल के बगैर लम्बे अन्तराल तक जीवित नहीं रहा जा सकता। वर्तमान समय में जल की शुद्धता एवं संचयन के प्रति जागरूकता का अभाव दिखता है। नमामि गंगे कार्यक्रम के माध्यम से गंगा नदी को निर्मल बनाने में प्राप्त सफलता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री जी ने बताया कि पिछले लगभग ढाई वर्ष के दौरान यह कार्य सम्पादित किया गया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और इसके साथ पिछले दो वर्ष के दौरान किए गये प्रयासों के परिणामस्वरूप इन्सेफिलाइटिस के मामलों में 56 प्रतिशत तथा इस रोग से होने वाली मृत्यु के मामलों में 81 प्रतिशत की कमी आयी है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि क्षेत्र धर्मस्थल, कर्नाटक के धर्माधिकारी, पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. वीरेन्द्र हेग्गडे ने कहा कि चिकित्सा जगत में इस संस्थान का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने मुख्यमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे सेवा के प्रति समर्पित हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि ज्ञानार्जन द्वारा बेहतर कार्य करने की जिज्ञासा और जनसेवा की भावना को अपनाकर चिकित्सक लोगों का सम्मान प्राप्त कर सकता है। आस्था एवं संस्कार हमें तमाम कुरीतियों से बचाते हैं। माँ शारदालय मन्दिर चिकित्सकों को लोगों का जीवन बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करेगा।

केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने अतिथियों का स्वागत किया तथा प्रति-कुलपति प्रो. जी पी सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया। माँ शारदालय मन्दिर एवं माँ शारदा की प्रतिमा की स्थापना के लिए पीओ सिटी के डायरेक्टर सौरभ गर्ग तथा भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा की स्थापना के लिए पीवी इन्टरप्राइजेज के विजय अग्रवाल एवं राजेन्द्र अग्रवाल को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, संकाय प्रभारी एलुमनाई सेल प्रो. दिवाकर दलेला सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण आदि लोग उपस्थित थे।

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