अपोलो हॉस्पीटल्स प्रशासन ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि उनके यहां रोबोट की सहायता से महिलाओं के गर्भाशय से जुड़ी विशेष प्रकार की 100 से अधिक मयोमेक्टोमी सर्जरी की गयी है। यह उनके हास्पिटल के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रोबोट से सर्जरी के दौरान महिलाओं के गर्भाशय से पीड़ाजनक अवाछंनीय उत्तक हटाया जाता है, जिसमें ब्लड लॉस व अन्य दिक्कतें न के बराबर होती है।
अपोलो हॉस्पीटल्स प्रशासन ने जारी एक बयान में कहा कि अपोलो हेल्थ सिटी के मिनिमल एसेस एंड रोबोट सर्जन की वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. रमा सिन्हा है। डा. सिन्हा ने दक्षिण एशिया में रोबोट की सहायता से इतनी बड़ी संख्या में मयोमेक्टोमी सर्जरी की है। इस विशेष प्रकार की सर्जरी के कारण उनकी यह विशिष्ट पहचान बनी है।
उन्होंने बताया कि यह रोबोटिक सर्जरी उन महिलाओं के लिए कारगर है जो गर्भधारण करना चाहती हैं या अपना गर्भाशय बचाए रखना चाहती हैं, उनके गर्भाशय से अवाछंनीय रोगजनक उत्तक को हटाना मयोमेक्टोमी कहलाता है। उन्होंने बताया कि आम तौर पर इस सर्जरी के दौरान पूरा गर्भाशय को निकाल दिया जाता है। उन्होंने बताया कि सर्जरी के अन्य क्षेत्रों में भी रोबोटिक सर्जरी शुरु हो रही है। इस प्रकार की सर्जरी में मरीज को बहुत कम परेशानी का सामना करना होता है। अक्सर टारगेटट सर्जरी से मरीज का ब्लड लॉस भी बहुत कम होता है।