लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के ट्रामा सेंटर से शताब्दी अस्पताल में आखिरकार रेस्पेरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट (आरआईसीयू) शिफ्ट कर दिया गया है, इस यूनिट के शिफ्ट करने के लिए शताब्दी अस्पातल फेज टू में केजीएमयू प्रशासन अड़ा हुआ था। जब कि इस यूनिट करने से पल्मोनरी एवं क्रिटकल केयर विभाग मना कर रहा था। उसका तर्क था कि वहां पर गंभीर मरीज आते है आैर अन्य विभागों के डाक्टरों की मदद की आवश्यकता होती है, जो कि ट्रामा सेंटर में तत्काल मिल जाती है आैर शताब्दी अस्पताल फेज टू तक जाने में देर हो सकती है।
बताते चले कि पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग शताब्दी अस्पताल फेज टू के दूसरी मंजिल पर बना हुआ है। यहां वेंटीलेटर यूनिट भी तैयार किया गया है। कुछ दिनों पहले चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन द्वारा उद्घाटित वेंटीलेटर यहीं लगाए गए हैं। प्रमुख सचिव की सोमवार को हुई बैठक के बाद पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग का विभागाध्यक्ष डा. वेद प्रकाश को बनाए जाने के बाद कुछ वरिष्ठों ने रेस्पेरेटरी इंटेंसिव केयर यूनिट (आरआईसीयू) को भी शताब्दी अस्पताल फेज टू में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी थी। आरआईसीयू को शिफ्ट करने को लेकर लंबे समय से विवाद चलता रहा है। डा. वेद प्रकाश का तर्क था कि आरआईसीयू यूनिट में गंभीर मरीज भर्ती होते हैं। ट्रामा सेंटर में सभी विभागों के वरिष्ठ संकाय सदस्य मौजूद रहते हैं।
ऐसे में किसी दूसरे विभाग के विशेषज्ञ की मदद की जरूरत पड़ने पर तत्काल मिल जाती है, लेकिन केजीएमयू प्रशासन लगातार कह रहा थी कि एक विभाग की यूनिट को दो-दो स्थान पर रखने पर चिकित्सा व्यवस्था सही नही हो पाती है। इसलिए आरआईसीयू को एक ही भवन में रखा जाए। इसे लेकर सोमवार से मंगलवार तक कई चरणों में प्रशासनिक व वरिष्ठ डाक्टरों की बैठकें चलीं। आखिरकार मंगलवार को आरआईसीयू को शिफ्ट करने का फरमान जारी ही हो गया। बताते चले कि ट्रामा सेंटर में आरआईसीयू के 15 वेंटिलेटर संचालित होते हैं। इसमें छह वेंटीलेटर शताब्दी अस्पताल में ले जाए जा रहे हैं, जबकि वहां पहले से 15 वेंटिलेटर मौजूद हैं।
अब आरआईसीयू यूनिट में 21 वेंटिलेटर रहेंगे। केजीएमयू प्रशासन का कहना है कि क्रिटिकल केयर मेडिसिन में 22 वेंटिलेटर का संचालन किया जा रहा है। इसके कुछ मरीज शताब्दी अस्पताल में भर्ती किए जाते हैं। अब आरआईसीयू यूनिट के शताब्दी में शिफ्ट होने के बाद क्रिटिकल केयर मेडिसिन को खाली स्थान पर शिफ्ट हो जाएगी। ऐसे में इस विभाग में पहले से चल रहे 22 वेंटीलेटर के साथ आरआईसीयू के नौ वेंटीलेटर मिल जाएंगे। इस तरह इस विभाग के पास कुल 31 वेंटीलेटर हो जाएंगे।
केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. एसएन शंखवार का कहना है कि आरआईसीयू यूनिट को पूरी तरह से शताब्दी अस्पातल फेज – टू के दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया है। इससे एक ही स्थान पर इस विभाग के मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा। ट्रामा में खाली होने वाली जगह क्रिटिकल केयर मेडिसिन को दी गई है।
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