रेप में नाकाम शोहदों ने युवती को चलती टेम्पो से फेंका, मौत

काम के बाद टै पो से घर लौट रही थी लड़की, पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया

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लखनऊ। राजधानी में बीती रात एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आयी है। इस घटना ने महिला सुरक्षा का दावा करने की हवा निकाल कर रख दी। दरअसल रात को काम खत्म कर आटो से घर लौट रही युवती से मडिय़ांव इलाके में कुछ शोहदों ने रेप का प्रयास किया। नाकाम होने पर लड़की को चलती टै पो से फेंक दिया। उसे ट्रामा सेंटर ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।

काकोरी थाना क्षेत्र में रहने वाली युवती काल्पनिक नाम सीमा कालीचरण डिग्री कॉलेज में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी। पढ़ाई के साथ ही सीमा सेल्स गर्ल का काम भी करती थी। बताया जाता है कि वह शुक्रवार रात करीब आठ बजे आफिस का काम खत्म करने के बाद काकोरी के दुबग्गा से घर के निकली थी। वह वहीं पर एक टै पो पर सवार हुई। बताया जा रहा है कि वहीं से कुछ शोहदों भी टै पो पर सवार हो गए। शोहदों ने युवती से छेडख़ानी शुरू कर दी। विरोध करने पर भी नहीं माने। इतना ही नहीं शोहदों ने चलती टै पो में ही युवती से रेप का प्रयास किया।

सफल न हो पाने पर उसे चलती टै पो से मडिय़ांव थाना क्षेत्र स्थित डेंटल कॉलेज के पास फेंक कर फरार हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस ने घायल युवती को ट्रामा सेंंटर पहुंचाया जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

टैपो चालक की रही मिलीभगत

युवती जिस टै पो पर सवार हुई थी उसके चालक की इस सनसनीखेज वारदात में पूरी संलिप्तता मिली है। दरअसल टै पो चालक के साथी ही थे जो युवती के साथ उस पर सवार हुए थे। इतना ही नहीं जब युवती ने रास्ते में टै पो को रोकने के लिए चालक से कहा तो उसने गाड़ी नहीं रोकी।

पुलिस ने टै पो को कब्जे में लिया

मडिय़ांव पुलिस ने वारदात के बाद घटना में इस्तेमाल टै पो को कब्जे में ले लिया है। साथ ही टै पो चालक भी दबोच लिया गया है जिससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि चालक की निशानदेही पर उन युवकों की तलाश की जा रही है कि जिन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया है।

दुबग्गा से मडिय़ांव तक चीखती रही लड़की

महिला सुरक्षा के दावे करने वाली राजधानी पुलिस की पोल इस घटना ने खोल कर रख दी। इतना ही नहीं रात गस्त की भी कलई खुल गई। दरअसल दुबग्गा से लेकर मडिय़ांव के बीच शोहदों के बीच फंसी युवती चीखती चिल्लाती रही। लेकिन उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। यहां तक रास्ते में खड़ी पुलिस पिकेट लेकर पेट्रोलिंग टीमों को भी भनक नहीं लग सकी कि टै पों में लड़की किसी मुसीबत में है।

टै पो में तेज आवाज गाना चलने की वजह से नहीं सुनाई पड़ी आवाज

तत्कालीन डीआईजी रेंज नवनीत सिकेरा ने एक योजना शुरू की थी कि कोई भी आटो व टै पो चालक गाड़ी में गाने नहीं बजा सकता है। ऐसा करने पर उसके खिलाफ स त कार्रवाई की जाएगी। लेकिन उनके पद से हटते ही उनके नियम भी हट गए। आलम यह है कि लगभग हर आटो टै पो में तेज आवाज में गाना बजते सुना जा सकता है। यही वजह थी कि दुबग्गा में सवार हुई युवती से जब अभद्रता की जा रही थी तब टै पो चालक ने गाना तेज आवाज में चला रखा था। यही वजह थी कि उसकी आवाज गाने की आवाज में दब कर रह गई।

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