लखनऊ। कोरोना संक्रमण से राजधानी तेजी से चपेट में आ रही है. मंगलवार को 5382 कोरोना संक्रमित मरीज मिले यानी कि राजधानी में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 5000 के पार हो गया। जबकि प्रदेश में आज 18021 संक्रमित मरीज मिले हैं। अगर देखा जाए तो राजधानी में स्वास्थ्य विभाग की कोशिशें लगातार फेल हो रही हैं। राजधानी के आवासीय कालोनियों में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। अगर देखा जाए तो आलमबाग कृष्णानगर आशियाना के साथ ही इंदिरा नगर गोमती नगर अलीगंज सबसे ज्यादा संख्या में क्षेत्र में आता है। आलम यह है कि आवासी कालोनियों की गलियों में आते जाते हुए कंटोनमेंट जोन बने दिखाई देते हैं। यह संक्रमण उस समय बढ़ा रहा है जब ज्यादातर स्वास्थ विभाग के अंतर्गत आने वाले जांच केंद्रों पर आरटी पीसीआर जांचे कम कर दी गई हैं और एंटीजन जाके ज्यादा की जा रही है। इसके बावजूद लोहिया संस्थान किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पीजीआई में लोग पैसा देकर के जांच करा रहे हैं। पीजीआई में तो जांच रिपोर्ट आने में ही 5 से 6 दिन लग जाते हैं ऐसे में संदिग्ध मरीज का बुरा हाल हो जाता है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में खाली लखनऊ ही नहीं, वरन आस-पास जनपदों के भी नमूने आते हैं। यहां पर दिन रात जांचे की जा रही हैं। स्वास्थ विभाग अधिकारियों ने एक बार फिर अपील की है कि अगर कोई आवश्यक कार्य हो तभी घर के बाहर कार्य से निकले और मास्क का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें और यात्रा के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन अवश्य करें। सेनीटाइजर का प्रयोग करते रहे और मौका मिलने पर हाथ तुरंत धोते रहे।