क्वीन मेरी में बदल सकता है यह

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लखनऊ । किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के क्वीन मेरी अस्पताल में प्राइवेट कमरों के रख-रखाव में लापरवाही कई वर्षो से हो रही है। अब शिकायतों के बाद कार्रवाई का निर्देश तो दे दिया है, लेकिन जल्द ही प्राइवेट कमरों के रखरखाव के कार्यो के लिए निविदा निकालने की तैयारी भी शुरू कर दिया है।

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क्वीन मेरी अस्पताल के प्राइवेट कमरों के रखरखाव में लम्बे समय से लापरवाही बरती जा रही है। बताया जाता है कि यहां पर अधिकारियों में वर्चस्व की जंग के चलते शिकायत पर कार्रवाई भी धीमी हो जाती है। प्राइवेट कमरों में गर्मी में एसी खराब, कमरों में गंदगी व टूटफ ूट के अलावा खराब फ्रिज की शिकायत आना आम बात है, मरीजों को आश्वासन दिया जाता है कि काम जल्द ही कराया जाएगा, लेकिन भर्ती मरीज डिस्चार्ज हो जाता था, लेकिन काम नही होता था। नया मरीज आने पर फिर शिकायत मिलने पर दोबारा आश्वासन देकर टाल दिया जाता था।

बताया जाता है कि कोई वीआईपी मरीज आने पर अच्छा कमरा दिया जाता था। चर्चा है कि शिकायत मिलने पर कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने आैचक निरीक्षण में खामियां पायी थी आैर कार्रवाई करने की तैयारी भी कर लिया था, लेकिन क्वीन मेरी के कुछ लोगों के काम कराने का वादा करके दोबारा गड़बड़ी न मिलने आश्वासन दिया था। इसके बाद केजीएमयू प्रशासनिक अधिकारियों ने क्वीन मेरी में प्राइवेट कमरों का रखरखाव में पारदर्शिता करने के लिए निविदा निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. एस एन शंखवार ने बताया कि निरीक्षण में मिली खामियों को दूर करने का निर्देश क्वीन मेरी के ठेके दार को दिया गया था। इसके अलावा ठेके की समय सीमा समाप्त हो रही है, इस लिए निविदा निकालने की तैयारी चल रही है।

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