प्राइवेट प्रैक्टिस में इनको फिर मिलेगी क्लीनचिट

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोपित डा. मनमीत को क्लीन चिट मिलना लगभग तय है। यहां के यूरोलॉजी विभाग में भर्ती होने आये मरीज के तीमारदारों ने डा. मनमीत पर आरोप लगाये थे कि वह संतकबीर नगर के निजी अस्पताल में जाकर प्राइवेट प्रैक्टिस करते है। उनकी सर्जरी से मरीज की हालत बिगड़ी है, जबकि डा. मनमीत ने प्राइवेट प्रैक्टि का आरोप नकार दिया था। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व यूरोलॉजी विभाग प्रमुख डा. एस एन शंखवार ने डा. मनमीत को नोटिस देकर जानकारी मांगी थी।

संतकबीर निवासी मरीज ने आरोप लगाया था कि 24 जनवरी को डा. मनमीत ने उनके यहंा स्थित एक निजी अस्पताल में आकर किडनी का आपरेशन किया था। इसके बाद उसकी तबियत बिगड़ने लगी, तो स्टंट डालने के लिए केजीएमयू बुला लिया था आैर यहां पर भर्ती होने पर जब मरीज की हालत बिगड़ी तो परिजनों ने बवाल काट दिया था। परिजनों का आरोप था कि उन्होंने तो केजीएमयू की ओपीडी में डा. मनमीत को दिखाया था, पर डा. मनमीत ने संतकबीर नगर आकर खुद आपरेशन करने के लिए कहा था। आपरेशन के बाद ही तबीयत बिगड़ी थी। डा. मनमीत का आरोप है कि वह संतकबीर नगर नहीं गये आैर मरीज को पहली बार यहां देखा था।

ओपीडी का मरीज होने के कारण भर्ती कर लिया था। हालांकि केजीएमयू प्रशासन ने आनन-फानन में कहा था कि डा. मनमीत निजी प्रैक्टिस नहीं करते है। बिना जांच के यह बात कहने के बाद दूसरे दिन ही केजीएमयू के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व यूरोलॉजी विभाग प्रमुख ने डा. मनमीत को कारण बताओ को नोटिस दे दिया था। डा. शंखवार का कहना है कि डा. मनमीत ने नोटिस के जबाव में कहा है कि 24 जनवरी को वह यही थे। उन्होंने केजीएमयू में ही मरीज का आपरेशन किया। डा. शंखवार का कहना है कि इस प्रकरण के मरीज की हालत में भी सुधार है आैर कुछ दिन में ही डिस्चार्ज हो जाएगा।

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