न्यूज। उत्तराखंड के चमोली में नंदा देवी नेशनल पार्क अंतर्गत कोर जोन में स्थित ग्लेशियर टूट जाने से बड़ी आपदा सामने आ गई है । कुदरत के कहर के आगे सभी बेबस हो गए हैं। यहां पर ग्लेशियर टूटने की वजह से तेज पानी से रैनी गांव के पास ऋषि गंगा तपोवन हाइड्रो प्रोजेक्ट का बांध भी टूट गया है। बताया जाता है इस दौरान वहां काम कर रहे 150 से ज्यादा मजदूर भी पानी में बह गए हैं। ऐसे में आस-पास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है और हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को भारी नुकसान होने की जानकारी मिल रही है। बांध टूटने से लोगों के घर भी बह गए हैं। जानकारी मिली है कि जिला प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंच रही है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री सहित सभी शासन प्रशासन के अधिकारियों ने हाई अलर्ट करते हुए वहां पर, SDRF भी घटनास्थल पर पहुंच रही है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने वहां पर एनडीआरएफ की टीम भेजने के निर्देश दिए हैं और घटना पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।हर तरह की मदद करने के लिए उत्तराखंड सरकार को आश्वासन दिया गया है। इसे देखते हुए उत्तराखंड के साथ उत्तर प्रदेश प्रशासन ने भी हाई अलर्ट जारी कर दिया है। वह आपकी घटना के बाद यूपी में गंगा नदी के पास के सभी जिलों में अलर्ट के आदेश दे दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने “यूपी के सभी डीएम * आपदा चेतावनी *. उत्तराखंड में नंदादेवी ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने की रिपोर्ट आई है. गंगा नदी के पास सभी जिलों को सूचित किया जाता है कि जलस्तर बढ़ सकता है. 24 ×7 इसकी निगरानी की जानी चाहिए। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी फ्लड कंपनी ने इसके निर्देश दिए हैं।












