प्लास्टर तकनीक से ठीक हो सकते हैं टेढ़े मेढ़े पैर

0
1443

लखनऊ। क्लब फुट कोई बीमारी नहीं है। अगर समय पर विशेषज्ञ डाक्टर द्वारा सही तकनीक से प्लास्टर कर दिया जाए तो शिशु के पैर का टेढ़ापन ठीक हो सकता है। यह जानकारी दिल्ली के सेंट सिफेन अस्पताल के डा. मैथ्यू वर्गीस ने किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के क्लब फुट मैनेजमेंट के रिफ्रेशर ट्रेनिंग कार्यशाला में दी। कार्यशाला में शिशु को पैर में प्लास्टर बांधने के जानकारी भी दी गयी।

डा. मैथ्यू वर्गीस ने कहा कि क्लब फुट एक पैदाइसी बीमारी है। अभी तक इस बीमारी का पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि अभी तक इस बीमारी के इलाज में चढ़ाया जाता है जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक सफलता नहीं मिल पायी है। उन्होंने कहा कि 1946 में पोनसेटि तकनीक को खोजा गया था। इसका चलन 90 के दशक में पश्चिमी देशों में हुआ भारत में इसका चलन सन 2000 के बाद हुआ है। इस बीमारी की जल्द पहचान कर पोनसेटि तकनीक से प्रशिक्षित डाक्टरों द्वारा क्योर सेंटरो पर कराने पर यह जल्दी ठीक हो जाता है। इस तकनीक की विधियों को किताबों से पढ़कर नहीं सीखा जा सकता है। इस लिए इसका प्रशिक्षण आवश्यक है।

दिल्ली के डा. अनिल ने कहा कि यह बीमारी लड़के आैर लड़कियां में 2:1 के अनुपात में पाया जाता है। इससे ज्यादा दाया पैर प्रभावित होता है। अगर आंकड़ों को देखा जाए तो यूपी में लगभग 11000 क्लब फु ट के बच्चे पैदा होते है। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. मदनलाल भट्ट ने कहा कि क्योर इंडिया आर्गनाइजेशन एक महत्वपूर्ण काम कर रहा है। क्योर इंडिया के निदेशक डा. संतोष झा ने कहा कि इस कार्यक्रम का संचालन प्रदेश के 14 सेंटरों पर हो रहा है। यूपी में इसके 6 मोबाइल सेंटर है।

Previous articleरेप में नाकाम शोहदों ने युवती को चलती टेम्पो से फेंका, मौत
Next articleजीवनशैली से जुड़ी बीमारियों पर चर्चा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here