लखनऊ । ना हाथों में नारे लिखी तख्ती थी और ना ही धरना… सर पर कलश लिए सैकड़ों की तादात में नर्सों मुख्यमंत्री आवास के लिए यात्रा प्रारंभ की। Sgpgi में कार्यरत नर्सों ने आज कलश यात्रा के माध्यम से अपनी मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का प्रयास किया है। हालांकि कलश यात्रा निकाल रही नर्सों को पुलिस प्रशासन ने पीजीआई के मुख्यगेट से आगे बढ़ने नहीं दिया, जिसके बाद नर्सों ने एसजीपीजीआई के मुख्यगेट पर कलश लेकर जमकर प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि जब पुलिस ने नर्सों को पीजीआई परिसर से बाहर जाने पर रोका तो नर्सों ने परिसर में ही अपनी कलश यात्रा निकाली।
कैडर पुनर्गठन समेत अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम कैंट एसीपी अर्चना सिंह को ज्ञापन सौंपा गया है। नर्सों ने यह कलश यात्रा एसजीपीजीआई नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन के तत्वावधान में निकाली गई।
बताते चलें एसजीपीजीआई में कार्यरत नर्सें बीते लंबे समय से कैडर पुनर्गठन, संवर्ग के नये पदनाम को जल्द से जल्द लागू करने, खाली पड़े पदों पर भर्ती करने समेत अन्य मांगों को पूरा करने की अपील कर रही थी। लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बाद भी नर्सों की इन मांगों को पूरा नहीं किया गया है। इसी की चलते मुख्यमंत्री के संज्ञान में अपनी समस्याओं को लाने के लिए नर्सों ने आज कलश यात्रा निकाली। यह कलश यात्रा एसजीपीजीआई के प्रशासनिक भवन से लेकर मुख्यमंत्री आवास तक निकालने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने नर्सों को गेट से आगे नहीं जाने दिया।
नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की अध्यक्ष सीमा शुक्ला का कहना है कि हम मानते हैँ कि हमारे कलश यात्रा का कार्यक्रम सफल रहा, लेकिन दुख इस बात का भी है कि पुलिस प्रशासन ने गेट के आगे जाने नहीं दिया। पुलिस प्रशासन लगातार यात्रा रोकने का दबाव बना रहा था,लेकिन हमे बाहर जाने से ही रोका जा सकता है,इतनी नर्सों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता । उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि पीजीआई के निदेशक प्रो.आर के धीमान लगातार हमारी मांगो को लेकर प्रयासरत हैं और प्रशासन से लेकर शासन तक हमारी बात पहुंचाई,लेकिन शासन में वित्त विभाग ने हमारी मांगे लटका रखी हैं,जिससे नर्सों में आक्रोश व्याप्त है। अध्यक्ष सीमा शुक्ला ने मुख्यमंत्री से मांगों को पूरा कराने की अपील की है।
कलश यात्रा में नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन की सीमा शुक्ला, महामंत्री सुजान सिंह, उपाध्यक्ष लता सचान,संगठन मंत्री मनोज वर्मा,प्रचार मंत्री सुनील रूप संयुक्त मंत्री युसुफ खान समेत करीब 100 नर्सों ने भाग लिया।












