लखनऊ। पीजीआई के नये निदेशक डॉ. राधा कृष्ण धीमान ने शनिवार को कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यवाहक निदेशक डॉ. एके त्रिपाठी ने उन्हें कार्यभार सौंपा। डॉ. धीमान का कहना है कि पीजीआई में करीब एक साल से बंद पड़े लिवर प्रत्यारोपण जल्द शुरू कराएंगे। इसके अलावा संस्थान में निर्माणाधीन आर्गन ट्रांसप्लांट के तैयार होते ही अन्य अंगों का प्रत्यारोपण भी शुरू होंगे।
डॉ. धीमान खुद पेट और लिवर से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ डॉक्टर हैं। वह अभी तक चंडीगढ़ के हैपटोलॉजी विभागा के प्रमुख थे। उनका कहना है कि संस्थान में राष्ट्रीय और अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर करार के जरिए शोध को बढ़ावा देंगे। ताकि पीजीआई में इलाज की नई तकनीक और गुणवत्ता और बेहतर हो सके। ताकि मरीज हित में यहां अन्तरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं स्थापित हो। इस सम्बंध में वह अगले हफ्ते संस्थान के सभी विभागाध्यक्षों के साथ बैठक कर विभाग वार इस पर चर्चा करेंगे। उनका कहना है कि संस्थान को और बेहतर बनाने की दिशा में किया जाएगा।
पीजीआई से पढ़े डॉ. धीमान अब निदेशक की जिम्मेदारी निभाएंगे यूपी के सहारनपुर जिले में जंमे डॉ. राधा कृष्ण धीमान ने 1984 में केजीएमयू से एमबीबीएस और 1987 में एमडी किया। 1988 में पीजीआई के डीएम गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग में दाखिला लिया था। तीन साल यहां पढ़ाई की। वह पीजीआई से काफी कुछ वाकिब हैं। वह कहते हैं कि उनके जीवन का यह बहुत ही खास पल है कि जिस संस्थान में उन्होंने पढ़ाई की थी आज उस संस्थान का मुखिया बनने का अवसर मिला है। शनिवार को रिलीव होने के बाद शाम करीब चार बजे पीजीआई लखनऊ में कार्यभार ग्रहण किया। 26 जनवरी को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने धीमान को पीजीआई का बनाए जाने का आदेश जारी किया था। वह शनिवार को कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लेकर पांच वर्ष अथवा 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक वह संस्थान के निदेशक बने रहेंगे।
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