लखनऊ । राजधानी में आक्सीजन सिलेंडर की मांग तेजी से बढ़ती जा रही है। जम्बों से लेकर ट्राली आक्सीजन सिलेंडर तक खरीदने की होड़ लग गयी है। इसके साथ ही सिलेंडर में रिफलिंग की मांग भी तेजी से बढ़ी है। मांग बढ़ते ही आक्सीजन गैस कम्पनियों में दोनों के दाम तीगुने से लेकर मनमाने तरीके से वसूलना शुरू कर दिया है।
आम तौर पर होम आइशोलेशन में कोरोना संक्रमित या अन्य फेफड़े की बीमारी से पीडि़त मरीज को आक्सीजन लेबल कम होने पर तत्काल आक्सीजन की आवश्यकता होती है, लेकिन वर्तमान में कोरोना संक्रमित मरीजों की होम आइशोलेशन में संख्या बढ़ने पर काफी लोगों में आक्सीलेबल कम होने पर तत्काल भर्ती नहीं हो पा रही है। ऐसे में जिनकी तबियत घर पर आक्सीजन लेबल कम हो रहा है। उनके लिए तीमारदार आक्सीजन सिलेंडर खरीद रहे है। सबसे ज्यादा ट्राली आक्सीजन सिलेंडर की मांग है। आम तौर ट्राली आक्सीजन सिलेंडर पांच हजार रुपये तक में मिल जाता है आैर गैस रिफलिंग तीन सौ रुपये तक हो जाती है, लेकिन वर्तमान में ट्राली आक्सीजन सिलेंडर की कीमत तीन से पांच हजार तक पहंुच गयी है। इसके अलावा रिफलिंग का चार्ज भी मनमाने तरीके से पांच से सात सौ रुपये तक चार्ज कर लिया जा रहा है। यही लोग जम्बो आक्सीजन सिलेंडर भी खरीदने की कवायद में जुट गये है। आम तौर पर यह जम्बो की 15 हजार तक आक्सीजन सिलेंडर आ जाता है, लेकिन वर्तमान में इसकी कीमत 20 से 25 हजार तक पहुंच गयी है आैर रिफलिंग चार सौ पचास की बजाय दो हजार रुपये तक या मनमाने तरीके से आक्सीजन गैस की कीमत बता कर वसूली जा रही है। अपने मरीज की जान बचाने के लिए लोग आक्सीजन सिलेंडर को मनमानी कीमत पर खरीदने को मजबूर है।












