लखनऊ । स्वतंत्रता दिवस पर किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय मरीजों को तोहफा देने की घोषणा की है। अब मरीजों को इलाज के लिए ओपीडी में एक रूपये का पर्चा नहीं बनाना होगा। उनका इलाज सिर्फ पचास रुपये के पंजीकरण कार्ड पर ही होगा। यह पंजीकरण छह महीने के लिए मान्य होगा। यह जानकारी किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने दी।
बताते चले कि केजीएमयू में अभी तक पंजीकरण के साथ ही एक रुपये का पर्चा बनवाना पड़ता था। इसके लिए मरीजों व तीमारदारों को दिक्कत आती थी। यही नहीं कुछ दिन पहले एक रुपये के पर्चे की वैधता को कम करने पर बहुत विवाद भी हो गया था। मरीजों के हंगामा भी आये दिन हो रहा था। ऐसे में केजीएमयू प्रशासन ने एक नया ऐतिहासिक निर्णय ले लिया। इसके तहत ओपीडी में डाक्टर से इलाज के लिए बनने वाले एक रुपये के पर्चे को समाप्त कर दिया गया है।
मरीज को इलाज के लिए पचास रुपये का पंजीकरण कराना होगा। इसमें दिये कार्ड पर लगे बार कोड को दिखाने पर विभाग के अनुसार पर्चा बन जाएगा। यह पंजीकरण की मान्यता छह महीने के लिए मान्य होगा। केजीएमयू प्रशासन के इस निर्णय की सराहना की जा रही है। लोगों का मानना है कि ऐसे में मरीजों को ओपीडी में दिखाने में आसानी होगी।
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