लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर के गेट पर शनिवार की आधी रात में मरीज को निजी अस्पताल भेजने को लेकर सेंटर में तैनात संविदा की मेल नर्सिग स्टाफ आैर दलालों भिड़ गये। आरोप है ट्रॉमा सेंटर संविदा मेल नर्सिंग स्टॉफ मरीज को अपने परिचित अस्पताल भेज रहा था, जब कि दूसरे निजी अस्पताल के दलाल स्टाफ का दावा था कि मरीज के तीमारदारों ने अपने यहां मरीज को रेफर कराया है। इस पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा। सुरक्षा गार्डों ने पहुंचकर समझा बुझा कर सबको शांत किया। इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वॉयरल हो गया। वायरल वीडियों पर डिप्टी सीएम ने केजीएमयू प्रशासन से घटना की रिपोर्ट तलब कर ली है। इस पर केजीएमयू प्रशासन ने संविदा नर्सिंग स्टाफ को हटा दिया गया।
पारा पाल कॉलोनी के रहने वाले महिला को सांस लेने में दिक्कत होने पर तीमारदार ने शनिवार सुबह ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया था। तीमारदार का आरोप है सेंटर में इलाज में लापरवाही बरती जा रही थी। इससे मरीज की हालत में सुधार न होकर बिगड़ती चली गयी। मरीज को वेंटीलेटर यूनिट की आवश्यक होने लगी। आरोप है इस दौरान ट्रॉमा सेंटर को संविदा नर्सिंग स्टॉफ मरीज को अपने परिचित अस्पताल भेजने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच दूसरे निजी अस्पताल के दलाल स्टाफ ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि पहले उससे उसके निजी अस्पताल ले जाने की बात चीत हो रही थी। दोनों के बीच कहासुनी कुछ देर में धक्का मुक्की शुरू हो गई। हंगामा बढ़ता देख गार्डों ने दोनों पक्षों को अलग करते हुए समझा बुझा कर शांत कराया। तीमारदार मरीज को लेकर पारा स्थिति निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहां पर इलाज दौरान महिला की मौत हो गई।
फिलहाल सोशल मीडिया पर वीडियो वॉयरल होने बाद केजीएमयू प्रशासन में हड़कम्प मच गया। वायरल वीडियों को डिप्टी सीएम ब्राजेश पाठक ने संज्ञान में ले लिया आैर जांच के आदेश दिए। दो दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी तलब की गयी है। वहीं संविदा के नर्सिंग स्टॉफ नर्स की सेवाएं समाप्त कर दी गई है।
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर के मुताबिक, स्टॉफ नर्स को हटा दिया गया है। मामले की जांच चल रही है। जांच में दोषी न मिलने पर उसे दोबारा काम पर रखा जाएगा।












