नॉन हर्मोनल है “छाया” की गोलियां: प्रो. विनीता

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यायल (केजीएमयू) स्थित ब्रााउन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति विभाग द्वारा भारत सरकार का मिशन परिवार विकास योजना के अन्र्तगत गर्भ निरोधक इंजेक्शन अंतरा और गोली छाया सुविधा की शुरुआत की गयी। मुख्य अतिथि चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डा. केके गुप्ता ने कहा कि जागरुकता से ही जनसंख्या को नियंत्रित किया जा सकता है। नए परिवार नियोजन के साधन में कोई बुरा साइड इफेक्ट नहीं है।
केजीएमयू गाइनोकोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. विनीता दास ने बताया कि गर्भ निरोधक के यह साधन सभी सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क उपलब्ध होंगे। एक बार इंजेक्शन लगवाने के बाद तीन माह तक गर्भधारण नहीं होगा।

वहीं गर्भधारण से बचने के लिए सप्ताह में एक बार छाया गोली खानी होगी, इससे नॉन हार्मोनल हैं। लखनऊ में सीडीआरआई के वैज्ञानिकों ने छाया गोली की खोज की है। कुलपति डा. एमएलबी भट्ट ने कहा कि अशिक्षा जनसंख्या वृद्धि का सबसे प्रमुख कारण है। बढ़ रही जनसंख्या बड़ी समस्या बन गई है। ऐसा ही रहा तो वर्ष 2024 तक जनसंख्या में चीन से आगे निकल जाएंगे। उन्होंने कहा कि जनसंख्या अधिक होने से सभी को जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे है।

वहीं सिप्सा की डिप्टी जनरल मैनेजर रिंकू श्रीवास्तव ने कहा कि गर्भधारण से बचने के लिए यह दोनों ही तरीके बेहतर साबित होंगे। उन्होंने बताया कि मिशन परिवार के तहत प्रदेश भर सारथी रथ चलाया जाएगा। जो नव विवाहितों को परिवार नियोजन के प्रति जागरुक करेगा। साथ ही प्रदेश के चिन्हित 57 जिले जहां प्रजनन दर अधिक है वहां किट भी वितरित की जाएगी। जिसमें गर्भ धारण से बचने के लिए दवाएं व अन्य सामग्री होगी।

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